चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार द्वारा रिटायरमेंट से 6 महीने पहले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को सामान्य भविष्य निधि का अग्रिम भुगतान नहीं किए जाने का फैसला लिया गया है. प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है. इस विषय में मुख्य सचिव द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों को आदेश जारी कर दिए गए हैं.
जारी हुए यह निर्देश
जारी आदेशों के अनुसार, रिटायरमेंट की तिथि से 12 महीने के अंदर स्वीकृत अग्रिम या निकासी की जानकारी को प्रपत्रों में दर्ज करवाना आवश्यक होगा. प्रशासनिक विभाग द्वारा भी प्रमाणित करना जरूरी माना जाएगा. यदि कोई विशेष स्थिति होती है और एडवांस मंजूर किया जाता है, तो इसकी जानकारी ईमेल या अन्य औपचारिक माध्यम से देना जरूरी होगा, ताकि भुगतान में जरूरी एडजस्टमेंट किया जा सके.
विभाग के संज्ञान में आई अनियमितताएं
वित्त विभाग के संज्ञान में यह मामला आया है कि कुछ प्रशासनिक विभाग और DDO, GPF अंतिम भुगतान मामलों को प्रधान महालेखाकार के कार्यालय को भेजने के बाद भी वसूली योग्य और गैर वसूली योग्य अग्रिम को स्वीकार कर रहे हैं. GPF अंतिम भुगतान से संबंधित पीएफ 09 और पीएफ 10 प्रपत्र में सभी जरूरी विवरण सही प्रकार से नहीं भरे जा रहे. इस कारण भुगतान में गड़बड़ी और ज्यादा भुगतान के चांसेस बढ़ रहे हैं.
