अग्निपथ योजना के खिलाफ अब प्रदर्शन करना पडेगा भारी, ऐसे लोगों को नहीं किया जाएगा भर्ती

चंडीगढ़ | अगर आपको सेना में भर्ती होना है तो सरकार की लाई हुई नई स्कीम अग्निपथ का विरोध करना बंद करना पड़ेगा. अगर कहीं आपने अग्निपथ योजना को लेकर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और इस बात की जानकारी अगर पुलिस वेरिफिकेशन में सामने आ गई फिर आपको नौकरी के लिए अमान्य घोषित कर दिया जाएगा.

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बता दें कि केंद्र की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शन के बाद रक्षा मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. यह स्पष्ट किया गया कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया जाएगा और यह भी कहा कि सभी भर्तियां इसी योजना के तहत होंगी. 25 हजार अग्निवीर दिसंबर में सेना में शामिल होंगे.

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि कोचिंग संस्थान चलाने वालों ने अग्निपथ के विरोध में छात्रों को भड़काया है. उन्होंने कहा कि अग्निवीर बनने वाला शपथ पत्र देगा कि उसने कोई प्रदर्शन या तोड़फोड़ नहीं की है. बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कोई भी सेना में शामिल नहीं होगा.

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पुरी ने कहा कि युवाओं को शारीरिक रूप से तैयार रहना चाहिए, ताकि वे हमारे साथ जुड़ सकें और प्रशिक्षण ले सकें. हमने इस योजना को लेकर हाल की हिंसा का अनुमान नहीं लगाया था. सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है. सभी को लिखित में देना होगा कि वे किसी भी प्रकार की आगजनी/हिंसा में शामिल नहीं थे.

नौसेना में तैनात होंगी महिला अग्निवीर

इस दौरान भारतीय नौसेना की ओर से कहा गया कि 21 नवंबर से नौसेना का पहला अग्निवीर बैच प्रशिक्षण संस्थान आईएनएस चिल्का, ओडिशा में पहुंचना शुरू हो जाएगा. इसके लिए पुरुष और महिला दोनों अग्निवरों को अनुमति दी जाएगी. वर्तमान में भारतीय नौसेना के विभिन्न जहाजों पर 30 महिला अधिकारी हैं. वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि हमने तय किया है कि अग्निपथ योजना के तहत महिलाओं को भी भर्ती किया जाएगा, जिन्हें युद्धपोतों पर भी तैनात किया जाएगा.

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अग्निवीर योजना लाने के लिए दिए गए तर्क

अनिल पुरी ने कहा- तीनों सेना प्रमुखों और सीडीएस ने मिलकर दुनिया के सभी देशों की सेनाओं की औसत आयु देखी. सेना में परिवर्तन की प्रक्रिया 1989 से चल रही है. सेना की औसत आयु 32 वर्ष थी, हमारा लक्ष्य इसे घटाकर 26 वर्ष करना था. हमें सेना में युवाओं की आवश्यकता है. हमें जोश के साथ-साथ चेतना भी चाहिए.

जिस दिन अग्निपथ की घोषणा हुई, उस दिन दो घोषणाएं हुईं, पहले देश भर में डेढ़ लाख नौकरियां और सेना में अग्निवीर के रूप में 46 हजार रिक्तियां, लेकिन लोगों तक केवल 46 हजार की बात ही पहुंच पाई.

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अगले 4-5 वर्षों में हमारे सैनिकों की संख्या 50-60 हजार होगी और बाद में यह 90 हजार से बढ़कर 1 लाख हो जाएगी. हमने योजना का विश्लेषण करने और बुनियादी ढांचा क्षमता का निर्माण करने के लिए 46,000 के एक छोटे समूह के साथ शुरुआत की.

घोषणा के बाद किए गए बदलाव किसी डर से नहीं थे, बल्कि ये सभी पहले से तैयार थे. कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते उम्र में बदलाव किए गए.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी, अतिरिक्त सचिव, सैन्य मामलों के विभाग, लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्पा, भारतीय सेना के एडजुटेंट जनरल, वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, भारतीय नौसेना के प्रमुख और एयर मार्शल सूरज झा, कार्मिक भी शामिल थे.

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