हरियाणा में 1.20 लाख कर्मचारियों के लिए आदेश, 15 दिन में तय होगी नौकरी की स्थिति

चंडीगढ़ | हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) की तरफ से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों की सेवा अवधि खत्म होने पर विभागाध्यक्षों को समय पर स्पष्ट जानकारी देने के लिए निर्देश जारी किये गए हैं. कार्य से मुक्त करने से जुड़ी रिपोर्ट 15 दिन के अंदर पोर्टल पर अपडेट करनी अनिवार्य होगी. अगर डिपार्टमेंट निर्धारित समय में उत्तर नहीं देगा, तो यह समझा जाएगा कि संबंधित कर्मचारी को कार्यमुक्त करने पर कोई समस्या नहीं है और उसे पोर्टल से अपने आप ही कार्यमुक्त कर दिया जाएगा.

Haryana Kausal Rojgar Nigam HKRN

ठेकाप्रथा खत्म करके गठित किया गया था HKRN

पहले की मनोहर सरकार ने ठेकाप्रथा समाप्त करने हुए कौशल रोजगार निगम को गठित किया था. निगम के अधीन करीबन 1.20 लाख से ज्यादा कर्मचारी विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत हैं. इनमें से ज्यादा आंकड़ा संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का है. विभागों की तरफ से समय- समय पर अस्थायी नियुक्तियां की जाती हैं, मगर कई बार इनकी स्पष्ट जानकारी निगम को नहीं भेजी जाती.

प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अहम कदम

निगम का नया ऑर्डर अनुबंधित कर्मचारियों की सेवा अवधि और कार्यमुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक जरूरी कदम है. विभागों की लापरवाही पर अब अरोक लग सकेगी और कर्मचारियों को भी वक़्त पर क्लियर हो जाएगा. कर्मचारियों को समय पर यह पता चल सकेगा कि उनकी सेवाएं अभी चल रही है या फिर खत्म हो रही है. निगम के महाप्रबंधक ने एक पत्र जारी किया है.

यह भी पढ़े -  आदमपुर में भजनलाल को श्रद्धांजलि देने पहुंचे CM नायब सैनी, सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम

ऑर्डर में बताई गयी 2 मुख्य शर्तें

इस पत्र में कहा गया है कि बार- बार अनुरोध और फोन करने के बावजूद विभागों से कार्यमुक्ति से जुड़ी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही. इस वजह से संविदा कर्मचारियों के सेवा विस्तार और कार्यमुक्ति को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है. निगम की ओर से यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कार्यमुक्ति से जुड़े निवेदन अब एचकेआरएनएल पोर्टल पर ही दर्ज और निपटाए जाएंगे. एचकेआरएनएल ने आदेश में 2 मुख्य शर्तें भी बताई हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट विभागों को देनी होगी.

इसके संबंधित कर्मचारी हरियाणा अनुबंधित कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम- 2024 के तहत कवर न करता हो. कर्मचारी से जुड़ा हुआ कोई भी मामला कोर्ट में ना हो, जिसमें अंतरिम राहत मिली हो. अगर ये दोनों शर्तें पूरी पाई जाती हैं और डिपार्टमेंट 15 दिन में उत्तर नहीं देता है, तो कर्मचारी की कार्यमुक्ति स्वतः मान ली जाएगी.

Avatar of Deepika Bhardwaj
Deepika Bhardwaj
View all posts

मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.