चंडीगढ़ | हरियाणा में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सूबे की नायब सैनी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. वित्त आयुक्त डॉ सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा दिवस यानि 1 नवंबर 2025 से राज्य के सभी 22 जिलों में पेपरलेस रजिस्ट्री की नई प्रणाली की शुरुआत हो रही है. डिजिटल शासन की दिशा में हरियाणा सरकार का यह कदम पारंपरिक जटिल पंजीकरण प्रणाली से पूरी तरह से निजात दिलाएगा. अब रजिस्ट्री के लिए सरल डिजिटल, नागरिक- अनुकूल और पारदर्शी प्लेटफार्म eregistration.revrnueharyana.gov.in बन जाएगा.
हरियाणा दिवस पर नई शुरुआत
डॉ. सुनीता मिश्रा ने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले की बबैन उपतहसील से इस प्रणाली की सफल शुरुआत हो चुकी है और अब पेपरलेस रजिस्ट्री का दूसरा चरण 28 अक्टूबर, 2025 से 10 और जिलों अंबाला, यमुनानगर, करनाल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, जींद, झज्जर, पलवल और फतेहाबाद मे शुरू होगा.
शेष जिलों चरखी दादरी, हिसार, गुरुग्राम, रोहतक, सिरसा, कैथल, नूंह, पानीपत और सोनीपत के लिए तीसरे चरण में 1 नवंबर से इस नई प्रणाली को अपना लिया जायेगा. इस नई प्रणाली के शुरू होने पर मौजूदा पुरानी प्रणाली को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा. इस सुविधा के बाद हरियाणा देश में 100% कागज रहित संपति पंजीकरण प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन जाएगा. ऑनलाइन सत्यापन के बाद लोगों को केवल एक बार अंतिम बायोमेट्रिक सत्यापन और विलेख निष्पादन के लिए रजिस्ट्रेशन कार्यालय पर पहुंचना होगा.
मत खरीदे नए स्टांप पेपर
प्रदेश सरकार ने लोगों और संपति डीलर्स से आग्रह किया है कि इस समय नए स्टांप पेपर की खरीद मत करें क्योंकि कागज रहित प्रणाली भौतिक स्टांप की आवश्यकता को समाप्त कर देगी. पहले से खरीदे गए स्टांप पेपर संबंधित जिलों में सिस्टम के लांच होने के 1 सप्ताह के भीतर इस्तेमाल किए जा सकेंगे. इस नई प्रणाली के बारे में तकनीकी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2137 या nodalofficer-it@revhry.gov.in पर ई- मेल भेज सकते हैं.
क्या है डीड रजिस्ट्रेशन?
जमीन की डीड (जैसे सेल डीड) वह कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर करता है. रजिस्ट्री उस दस्तावेज को सरकारी कार्यालय (उप- पंजीयक कार्यालय) में पंजीकृत करने की प्रक्रिया है, ताकि यह कानूनी रूप से मान्य हो जाए और सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाए.
