चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार (Haryana Govt) गरीब और वंचित तबके के लोगों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लॉन्च कर रही है. पात्र लोगों द्वारा इन कल्याणकारी योजनाओं का समय- समय पर लाभ भी उठाया जा रहा है. इसी कड़ी में प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आ रही है.
मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत, प्रदेश के 15,696 गरीब परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने की तैयारी की जा रही है. सरकार इन लोगों को शहरों में 30- 30 वर्ग गज के प्लॉट देने की दिशा में काम कर रही है.
10 हज़ार रूपए में करवा सकते हैं बुकिंग
इच्छुक परिवार इस योजना का लाभ उठाने के लिए हाउसिंग फॉर ऑल विभाग की वेबसाइट पर ₹10000 देकर बुकिंग करवा सकते हैं. खास बात यह है कि इसका लाभ केवल वही परिवार ले पाएंगे, जिन्होंने मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत पहले रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है. जिन्होंने यह काम नहीं करवाया है वह इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चरखी दादरी, सिरसा, फतेहाबाद, सफीदों, रोहतक, महेंद्रगढ़, पलवल, बहादुरगढ़, हिसार, झज्जर, जगाधरी, अंबाला, रेवाड़ी, करनाल, जुलाना व जींद में यह प्लॉट चिन्हित किए गए हैं.
यह रहेगी पात्रता
इस योजना का लाभ वह लोग उठा पाएंगे, जिनकी पारिवारिक सालाना आय 180000 रुपए तक है तथा जिन के पास खुद का मकान नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के समय इस योजना को लागू किया गया था. अब नायब सिंह सैनी सरकार इस योजना को आगे बढ़ा रही है. इच्छुक लोग विभाग की साइट पर नक्शे की डिटेल भी देख सकते हैं. साथ ही, बुकिंग के दौरान सरल बुकिंग भुगतान कर सकते हैं.
3 साल की किश्तों में करना होगा भुगतान
जिन लोगों का चयन किया जाएगा, उन्हें मात्र 10 हजार रूपए में 30 वर्ग गज का प्लाट दिया जाएगा. शुरुआत में 10,000 रूपए की बुकिंग राशि देनी होगी. उसके बाद प्लॉट धारक को बाकी का पैसा 3 साल की मासिक किस्तों में देना होगा. प्लॉट धारक को हर महीने की 10 तारीख तक मासिक किस्त का भुगतान करना होगा.
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत, मकान बनाने के लिए सरकार गरीब परिवारों को सवा 2 लाख रुपए की सब्सिडी भी देगी. मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत, गरीब परिवारों को गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में फ्लैट दिए जाने की योजना है.
30 अप्रैल तक करें आवेदन
योजना का लाभ उठाने के इच्छुक लोग 30 अप्रैल 2025 तक आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद, संबंधित विभाग द्वारा छंटनी का कार्य किया जाएगा और ड्रॉ के जरिए प्लाटों का अलॉटमेंट किया जाएगा. जहां पर यह प्लॉट मौजूद हैं, वहां सभी मूलभूत सुविधाएं तैयार होने के बाद ही प्लॉट धारकों को प्लॉटों का कब्जा दिया जाएगा.
