चंडीगढ़ | हरियाणा में आमजन के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार (Haryana Govt) ने प्रोपर्टी खरीद को और अधिक महंगा बनाने वाले कलेक्टर दरों में 2025- 26 के लिए संशोधन को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है. राजस्व विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा कि इस साल पहले वाले कलेक्टर रेट ही लागू रहेंगे. राज्य में प्रोपर्टी के लेन- देन और स्टांप शुल्क कलेक्शन को प्रभावित करने वाली मौजूदा दरें अगले आदेश तक जारी रहेगी.
हरियाणा में प्रोपर्टी रजिस्ट्रेशन रेट 2025
| प्रोपर्टी रेट | रजिस्ट्रेशन फीस |
| 25- 40 लाख रुपए | 20 हजार |
| 40- 50 लाख रुपए | 25 हजार |
| 50- 60 लाख रुपए | 30 हजार |
| 60- 70 लाख रुपए | 35 हजार |
4 महीने पहले हो चुका संशोधन
प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों को भेजे गए अति महत्वपूर्ण आदेश में कहा गया है कि यह निर्देश दिया जाता है कि वर्ष 2025- 26 के लिए अचल संपत्ति के ट्रांसफर का रजिस्ट्रेशन पब्लिक इंट्रेस्ट में अगले आदेश तक पिछले कलेक्टर दरों पर जारी रखा जा सकता है. कलेक्टर दरों में आमतौर पर प्रतिवर्ष अप्रैल में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में संशोधन किया जाता है, इसलिए सूत्रों ने बताया कि जिलों ने कलेक्टर दरों में संशोधन के लिए मार्च तक कवायद की थी. हरियाणा में कलेक्टर दरों को दिसंबर, 2024 में संशोधित किया जा चुका है.
कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी को लेकर कुछ जिलों ने स्वयं ही 10 से 25 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव तैयार कर लिए थे. यहां तक कि इन दरों को अपलोड करके सार्वजनिक आपत्तियां भी आमंत्रित करने की तैयारी कर ली थी, जबकि सरकार द्वारा ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई थी. सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर दरों में संशोधन को स्थगित करने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि पिछली बार संशोधन चार महीने पहले ही हुआ था.
