चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए 700 करोड़के बजट से खरीदे गए पांच लाख टैबलेट पर सरकार की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है. जो टैब निष्क्रिय पड़े है अब ये टैब फिर से विद्यार्थियों को दिए जाएंगे. शिक्षा विभाग की तरफ से योजना तैयार की गई है व मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है.

सरकार द्वारा हरियाणा में ई- अधिगम योजना के तहत 10वीं से 12वीं कक्षा के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को टैब दिए गए हैं.
मिलेंगे सिम और डाटा
अभी तक लगभग 9 लाख विद्यार्थी टैब से पढ़ चुके हैं. कुछ विद्यार्थियों के पास फिलहाल टैब उपलब्ध है जिसे वे अपने इंटरनेट से उपयोग कर रहे हैं. नियमों के मुताबिक स्कूल छोड़ने, फेल होने या पात्रता खत्म होने पर टैब वापस करना अनिवार्य होगा. नई व्यवस्था में सिर्फ पात्र विद्यार्थियों को सिम, डाटा और टैब के शैक्षणिक इस्तेमाल की सुविधा दी जाएगी.
शिक्षा विभाग की जानकारी के अनुसार, योजना के तहत सिमकार्ड और इंटरनेट सुविधा मुहैया कराने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से टेंडर मांगे जाएंगे जबकि खराब टैब की मरम्मत के लिए अलग से कंपनी चुनी जाएगी.
नया सुरक्षा सॉफ्टवेयर होगा अपडेट
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में ई-अधिगम योजना के तहत कोरोनाकाल में ऑनलाइन शिक्षा के लिए बाँटे गए. ये टैब शैक्षणिक सत्र 2025-26 में करीबन निष्क्रिय हो गए थे. अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इस स्कीम को नए स्वरूप में फिर लागू किया जाएगा. स्टूडेंट्स को हर टैब के साथ एक सिमकार्ड और हर महीने एक जीबी डाटा मिलेगा.
यह सब शिक्षा विभाग द्वारा मुहैया करवाया जाएगा. इसके साथ ही, टैब में पूरा पाठ्यक्रम फिर से अपलोड किया जाएगा और नया सुरक्षा सॉफ्टवेयर अपडेट किया जाएगा.
विद्यार्थियों और अभिभावकों से मांगे सुझाव
इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्टूडेंट्स सिर्फ शैक्षणिक सामग्री तक ही पहुंच पायेंगे. सरकार के निर्देश पर आठ एचसीएस अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में सरकारी स्कूलों का दौरा किया व टैब और डिजिटल सुविधाओं की समीक्षा की थी. इस दौरान शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से भी सुझाव मांगे गए. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने योजना को फिर से प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला लिया है.