चंडीगढ़। राजीव कुमार उर्फ रॉनी भाई चंडीगढ़ इंडिया की सबसे ऊंची साइकिल चलाने की वजह से मशहूर हो गए हैं. राजीव जब भी चंडीगढ़ की सड़कों पर अपनी साईकिल चलाते हैं तो देखने वाले उन्हें देखकर सिर्फ यही कहते हैं OMG. आइये जानते हैं कि राजीव को सबसे ऊंची साइकिल बनाने की प्रेरणा कहां से मिली और उन्होंने इसे बनाने के लिए कितनी मेहनत की.
कैसे आया सबसे ऊंची साइकिल बनाने का आइडिया
1995 में राजीव जब दसवीं कक्षा में पढ़ते थे तो उनकी हाइट कक्षा में सबसे अधिक थी. इसलिए उन्होंने अपनी साइकिल की सीट को थोड़ा ऊंचा किया. लेकिन जब वह इस साइकिल को चलाने लगें तो उन्हें बड़ा मज़ा आने लगा. जिसके बाद जैसे- जैसे उनकी हाइट बढ़ती गई, वैसे वैसे उनकी साइकिल की उंचाई भी बढ़ती चली गई.
ऐसे तैयार हुई इंडिया की सबसे ऊंची साइकिल
पेशे से इंजीनियर न होने के बावजूद भी उन्होंने इंडिया की सबसे ऊंची फोल्डेबल साइकिल बना डाली. उन्होंने बताया कि 2013 में ही घर में वर्कशॉप बनाकर सबसे ऊंची साइकिल बनाने का काम शुरू कर दिया. आपको बता दें कि राजीव की साईकिल की उंचाई 8 फीट 3 इंच है,जिसे उन्होंने स्टील से बनाया है. वहीं इस साइकिल को चलाना सब के बस की बात नहीं है क्योंकि इसे चलाने की एक खास ट्रीक है जो सिर्फ राजीव के पास हैं.
सबसे ऊंची साइकिल से किया मीलों का सफर
राजीव ने बताया कि उन्होंने अपनी इस साइकिल से अभी तक चंडीगढ़ से दिल्ली, चंडीगढ़ से लुधियाना और शिमला से कालका तक का सफर तय किया है. उन्होंने बताया कि भविष्य में उनकी योजना चंडीगढ़ से मुंबई तक जाने की है,जोकि 1667 किलोमीटर का सफर होगा. अगर राजीव इस सफर को पूरा करते हैं तो उनके नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ऊंची साइकिल से सबसे लंबा सफर तय करने के लिए जुड़ जाएगा.
