चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने लिंगानुपात सुधार की दिशा में एक अनूठी और समावेशी पहल की शुरुआत की है. अब प्रदेश में ट्रांसजेंडर समुदाय को बालिकाओं के जन्म का उत्सव मनाने के लिए सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा. ठीक वैसे ही जैसे पारंपरिक रूप से बेटे के जन्म पर किया जाता है. यह पहल सामाजिक सोच में बदलाव और बेटियों को समान मान-सम्मान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.
सरकार की फैसले को मंजूरी
अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुधीर राजपाल की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कार्यबल (STF) की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई है. उन्होंने कहा कि बेटी जन्म पर जश्न मनाना समाज में मानसिकता परिवर्तन का प्रतीक बन सकता है और ट्रांसजेंडर समुदाय की भागीदारी इसे और भी प्रभावशाली बनाएगी.
इस पहल के तहत, ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य उन घरों में जाएंगे जहां बेटी का जन्म हुआ हो. वे परिवार को ‘आपकी बेटी-हमारी बेटी’ योजना के अंतर्गत एलआईसी में निवेश किए गए 21 हजार रुपये के प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगे. साथ ही, प्रोत्साहन राशि के रूप में ट्रांसजेंडर समुदाय को 1100 तक की धनराशि भी दी जाएगी.
CMO की देखरेख में संचालित होगी योजना
इस कार्यक्रम को प्रत्येक जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की देखरेख में संचालित किया जायेगा ताकि पारदर्शिता और प्रभाव सुनिश्चित हो सके. बैठक में सुधीर राजपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सिर्फ नारा नहीं, व्यवहार में उतारना चाहती है और इसके लिए नीति से लेकर समाज तक समावेशी दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है.
