चंडीगढ़ | हरियाणा में पानी की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि राज्य सरकार और केंद्रीय सरकार ने मिलकर जल जीवन मिशन 2.0 के तहत एक अहम समझौता किया है. इस योजना पर करीब लगभग 3 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे जिससे इन जल- संकट वाले इलाकों में पानी की समस्या को दूर किया जाएगा.
योजना में ये मुख्य क्षेत्र शामिल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में यह समझौता हुआ, जिसमें केंद्र के जल शक्ति मंत्री भी शामिल रहे. इस योजना का मुख्य लाभ दक्षिण हरियाणा के उन जिलों को मिलेगा, जो लंबे समय से जल संकट से जूझ रहे है. यह परियोजना मुख्य तौर पर नूहं, पलवल और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों के लिए तैयार की गई है. इसके साथ ही पानी के भंडारण सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा और हर घर तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का विस्तार होगा.
जल जीवन मिशन 2.0 का यह चरण साल 2028 तक चलेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का मकसद सिर्फ पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि पानी की गुणवत्ता, टिकाऊ व्यवस्था और लंबे समय तक जल प्रबंधन को बेहतर बनाना भी है.
पहले चरण में हासिल की सफलता
सरकार ने यह भी बताया कि जल जीवन मिशन के पहले चरण में हरियाणा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. 2019 में केवल 58% ग्रामीण घरों में नल का पानी था जो 2022 में बढ़कर 100% हो गया है. इससे खासकर महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले दूर से पानी लाना पड़ता था. अब यह योजना आने वाले दिनों में लोगों के लिए राहत की सौगात साबित होगी.
