Haryana Panchayat Election: पंचायत चुनावों को तैयार सरकार, जानिए फिर क्यों टल रहें हैं इलेक्शन

चंडीगढ़ । पंचायत चुनावों में आरक्षण के प्राविधानों में विसंगतियों को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर हरियाणा सरकार द्वारा चुनाव करवाने के लिए अनुमति मांगी . इस अर्जी पर अपना पक्ष रखने के लिए याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से समय मांगा है जिसे देखते हुए हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई 30 नवम्बर तक टाल दी है. कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश में पंचायत चुनावों का इंतजार और अधिक लंबा हो गया है. बता दें कि हरियाणा सरकार हाईकोर्ट में स्पष्ट कर चुकीं हैं कि बिना मंजूरी के पंचायत चुनाव नहीं करवाएं जाएंगे.

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हरियाणा सरकार ने पहले हाईकोर्ट में दलील दी थी कि निकट भविष्य में पंचायत चुनाव करवाने का उनका कोई इरादा नहीं है, ऐसे में अब चुनाव करवाने के लिए हाईकोर्ट की मंजूरी जरूरी है. हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार की अर्जी पर अब याची पक्ष द्वारा जवाब के लिए समय मांगा गया है जिससे पंचायत चुनाव का मामला दिसंबर तक लटक गया है. हरियाणा सरकार की मंशा है कि दो चरणों में चुनाव करवाएं जाएं. पहले चरण में ग्राम पंचायत और दूसरे चरण में जिला परिषद व पंचायत समिति के चुनाव सम्पन्न हो.

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हाईकोर्ट में दायर याचिका में हरियाणा सरकार ने बताया था कि राज्य में पंचायतों का कार्यकाल 23 फरवरी को पूरा हो चुका है. सरकार ने कहा कि बीते दिनों कोरोना की दूसरी लहर के पीक पर होने के चलते चुनाव के लिए उपयुक्त समय नहीं था लेकिन अब हालात सामान्य हो गए हैं, इसलिए चुनाव करवाएं जा सकतें हैं.

यह है मामला

बता दें कि हरियाणा सरकार ने 15 अप्रैल 2021 को पंचायती राज अधिनियम 2020 में संशोधन किया था जिसको लेकर गुरुग्राम निवासी प्रवीण व अन्य ने संशोधन को भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक करार देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने दायर याचिका में कहा गया है कि पंचायती राज अधिनियम में संशोधन कर अब सीटों का 8% बीसी- ए वर्ग के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है.

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याचिकाकर्ता ने दलील दी कि प्रदेश में 8% के अनुसार केवल 6 जिलें है जहां दो सीटें आरक्षण के लिए बचती है. 18 जिलों में केवल एक सीट आरक्षित वर्ग को जाएगी जबकि सरकार के नए प्रावधान के अनुसार न्यूनतम दो सीटें अनिवार्य है. ऐसे में दोनों बातें एक दूसरे के विपरित हैं. हालांकि हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि सरकार पंचायत चुनाव करवाने के मुड में है तो नए प्रावधानों को निलंबित कर पुराने नियमों के तहत चुनाव करवा सकती है. खंडपीठ ने कहा कि सरकार ने अंडरटेकिंग दी है कि याचिका का निपटारा होने तक निकल भविष्य में चुनाव नहीं करवाएंगी.

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