चंडीगढ़ | हरियाणा भारत का पहला राज्य बन गया है, जहां महिलाओं को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. अब हरियाणा की बेटियां ड्रोन उड़ाएंगी. राज्य के 10 जिलों से चुनी गई महिलाओं को करनाल के ड्रोन इमेजिंग एंड सर्विलांस सेंटर में ड्रोन उड़ाने और डेटा विश्लेषण करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण लेने वाली इशिका ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. ड्रोन के बारे में जानकारी प्राप्त कर इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है.
कृषि के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मिलेगा रोजगार
करनाल ड्रोन इमेजिंग एवं सर्विलांस सेंटर के अधिकारी गिरिराज पुनिया ने कहा कि ड्रोन तकनीक को महिलाओं से जोड़ा गया है. पहले बैच में ट्रेनिंग के लिए आईं महिलाएं अलग- अलग क्षेत्रों से हैं. कृषि क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं खेती में ड्रोन का इस्तेमाल करेंगी.
आपदा प्रबंधन क्षेत्रों में होगा ड्रोन का उपयोग
साथ ही, सिविल और इलेक्ट्रिकल क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं निर्माण, बिजली लाइन की निगरानी, अनुसंधान और विकास के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेंगी. आने वाले समय में कृषि के अलावा सुरक्षा, जांच एवं अनुसंधान, निर्माण कार्य, चिकित्सा सेवाएं, आपदा प्रबंधन आदि कई क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग किया जाएगा.
ड्रोन का होगा ये उपयोग
संस्थान के कृषि एवं ड्रोन विशेषज्ञ डॉ. सतेंद्र यादव ने कहा कि ड्रोन के इस्तेमाल में महिलाओं की भूमिका काफी अहम रहने वाली है. ड्रोन उड़ाने के साथ- साथ ड्रोन के माध्यम से एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण, ड्रोन की सर्विसिंग और डेटा आधारित शोध और रिपोर्ट तैयार करने में महिलाएं बेहतर काम करेंगी.
