चरखी दादरी | हरियाणा के चरखी दादरी जिले के 72 वर्षीय एथलीट रामकिशन शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि खेल के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती. जहां इस उम्र में ज्यादातर लोग अपने पोते-पोतियों के साथ समय बिताते हैं. वहीं, रामकिशन शर्मा मेडल पर मेडल जीतकर नई मिसाल पेश कर रहे हैं. बाढड़ा के इस दिग्गज खिलाड़ी ने बीते 11 दिनों में 17 मेडल अपने नाम किए हैं.
विभिन्न प्रतियोगिताओं में जीते मैडल
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके शर्मा ने हाल ही में राजस्थान के अलवर स्थित राजऋषि कॉलेज ग्राउंड में आयोजित 44वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए 5 गोल्ड सहित कुल 7 मेडल जीते. उन्होंने 400 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, ट्रिपल जंप और 4×400 मीटर रिले दौड़ में गोल्ड मेडल जीते. वहीं, 80 मीटर बाधा दौड़ और 4×100 मीटर रिले दौड़ में सिल्वर मेडल हासिल किया.
अगले नेशनल टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई
29 से 31 जनवरी तक जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में भी उन्होंने 6 मेडल अपने नाम किए थे. इसके बाद वह हिसार पहुंचे, जहां चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में 1 और 2 फरवरी को आयोजित प्रतियोगिता में 4 गोल्ड मेडल जीतकर अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा. अब वह 4 मार्च को बेंगलुरु में होने वाली नेशनल प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं और एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करने को तैयार हैं.
हर प्रतियोगिता में किया कमाल
रामकिशन शर्मा को खेल जगत में ‘मेडल मशीन’ के नाम से जाना जाता है. उन्होंने 65 साल की उम्र में खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया और तब से लेकर अब तक वह कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं. उनके करियर की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने जिस भी प्रतियोगिता में भाग लिया, वहां से कभी खाली हाथ नहीं लौटे. इस उम्र में भी उनका जोश और मेहनत देखकर हर कोई उनकी सराहना कर रहा है.
