फरीदाबाद | हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती की ओर रूख कर रहे हैं. इसी कड़ी में फरीदाबाद के खेड़ी कलां गांव के कई किसान गेंदा फूल की खेती कर कम समय में अच्छा- खासा मुनाफा कमा रहे हैं.
3 महीने में लाखों रूपए की आमदनी
गांव के एक किसान ने बताया कि सर्दियों के मौसम में गेंदा फूल की खेती होती है और लगभग तीन महीने में फूल पककर तैयार हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि गेंदा फूल की खेती करने से पहले दो-तीन बार खेत की जुताई करनी पड़ती है. इसके बाद बिजाई कर तीन-चार बार सिंचाई करनी पड़ती है ताकि पौधों की ग्रोथ अच्छी हो सकें.
उन्होंने बताया कि गेंदा फूल की खेती को सही पोषण देने के लिए इसमें एक एमपी और एक यूरिया खाद का बैग डाला जाता है. यह खाद पौधों को मजबूती देने और अच्छी गुणवत्ता के फूल तैयार करने में मदद करती है. गेंदा फूल की खेती में थोड़ा परिश्रम ज्यादा करना पड़ता है लेकिन अगर सही समय पर फसल तैयार हो और बाजार में अच्छे दाम मिलें तो यह एक फायदेमंद खेती साबित होती है.
लाखों में कमाई
खेड़ी कलां गांव के किसान ने बताया कि गेंदा फूल की फसल को तैयार होने पर बिक्री के लिए फरीदाबाद की डबुआ मंडी में लेकर जाते हैं. यहां मंडी में फूलों की कीमत पूरी तरह से मार्केट रेट पर निर्भर करती है. कभी रेट ज्यादा तो कभी कम मिलता है. यदि मंडी में फूलों का भाव अच्छा प्राप्त हो जाए तो तीन महीने में एक लाख रूपए तक आमदनी हो जाती है. खर्च निकालने के बाद ठीक-ठाक बचत हो जाती है जिससे परिवार का पालन-पोषण चलता रहता है.
