फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद में अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आयोजन हो रहा है जिसमें विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की कलाकृति का बेजोड़ नमूना देखने को मिल रहा है. इस मेले में ओडिशा के मूर्तिकार अर्जुन मुंडा द्वारा धान से बनाई गई अनूठी मूर्तियां पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है.
4 दिन में होती है तैयार
मूर्तिकार अर्जुन मुंडा ने बताया कि एक मूर्ति को आकार देने से लगभग 4 दिन का समय लग जाता है. इस कठिन कार्य में उनकी पत्नी का भरपूर सहयोग रहता है. सूरजकुंड मेले में प्रदर्शित की गई उनकी मूर्तियां न केवल लोगों की वाहवाही लूट रही है, बल्कि लोग इन्हें खरीदने में भी खासी दिलचस्पी ले रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पिछले 15 साल से वह इस विरासती कला को संजोकर रखे हुए हैं. उन्हें मूर्ति बनाने का हुनर अपने पिता से मिला था. जिन्हें इसी कला के लिए राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय सम्मान मिल चुके हैं. अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकारों को कारीगरों के लिए बेहतर नीति बनानी चाहिए ताकि और ज्यादा प्रतिभा निखर कर सामने आ सकें.
कारीगरों के लिए वरदान
अर्जुन मुंडा ने कहा कि सूरजकुंड मेले जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन देश के कारीगरों के लिए वरदान साबित हो रहें हैं. ऐसे मंचों के माध्यम से कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है. इससे उनकी आजिविका के नए रास्ते खुलते हैं. उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि इस तरह के अंतराष्ट्रीय मेलों का आयोजन और ज्यादा संख्या में होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा कारीगर इसका लाभ उठा सकें और उनकी रोजी-रोटी चलती रहें.
