इस जिले के 95 फीसद किसानों ने ले रखे हैं लोन, 70 फीसद से अधिक डिफॉल्टर

फतेहाबाद । नए कृषि कानूनों के विरुद्ध चल रहे किसान आंदोलन के बीच कई किसान संगठन अब कर्जमाफी के मुद्दे को उठाने लगे हैं. कई राज्यों से किसानों के ऋण माफ की खबरें लगातार आ रही हैं. ऐसी स्थिति में अब फतेहाबाद के किसान भी लालायित है कि उनके ऋण भी माफ कर दिए जाएं. फतेहाबाद जिला क्षेत्र और जनसंख्या दोनों ही दृष्टि में बहुत ही छोटा जिला है, परंतु इसके बाद भी यहां पर कर्जदार किसानों की संख्या बहुत ज्यादा है. फतेहाबाद के बैंक अधिकारियों के अनुसार 95% से ज्यादा किसानों ने बैंकों से कर्जा लिया हुआ है. इनमें से कई किसान तो ऐसे हैं जिन्होंने सरकारी समिति बैंकों से भी कर्ज लिया हुआ है. यानी इन किसानों ने दो दो जगहों से कर्जा लिया हुआ है. परंतु सहकारी समिति बैंक के साथ लैंड मॉर्गेज बैंक के 70% से ज्यादा ग्राहक डिफाल्टर हो चुके हैं.

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Loan

धीरे धीरे ऋण धारक होते गए डिफाल्टर

साल 2008 में हुई घोषणा के पश्चात डिफाल्टरों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई. उस वक्त जो डिफाल्टर थे उनके कर्ज को माफ कर दिया गया था. इसके पश्चात जो किसान नियमित रूप से लिए हुए कर्ज का ब्याज देते थे उन्होंने भी ब्याज भरना बंद कर दिया.

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इतने किसानों ने लिया हुआ है ऋण

फतेहाबाद के 97000 से ज्यादा किसान कर्ज तले दबे हुए हैं. इसमें से 82000 किसानों ने राष्ट्रीय एकीकृत बैंकों से किसान कार्ड बनवाया हुआ है. सभी किसानों का यह कार्ड 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपए की कीमत तक के हैं. दूसरी ओर, 25000 किसान केंद्रीय सहकारी समिति सोसायटी व लैंड मॉर्गेज बैंक के कर्जदार हैं. इसके अतिरिक्त कई ऐसे किसान भी हैं जिन्होंने दो तीन जगह से कर्जा ले रखा है.

बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने खोली पोल

सहकारी समिति के बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी हंसराज ने जानकारी देते हुए कहा कि सहकारी समिति व लैंड मॉर्गेज बैंक के ज्यादातर ऋण बड़े-बड़े किसानों को दिए जाते हैं. इनमें से ज्यादातर किसान ऐसे होते हैं जो किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित होते हैं. पहले दोनों ही बैंक गैर कृषि कार्यों के लिए भी कई लोगों को करोड़ों रुपयों का कर्जा दे दिया करते थे. यह कर्जा टेंट हाउस, प्रिंटिंग प्रेस या अन्य कामों के लिए दिया जाता था. परंतु यह कार्य आरंभ ही नहीं किए गए. कई लोगों के तो कर्जों को माफ कर दिया गया.

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