फाइनेंस डेस्क | EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और कर्मचारी राज्य बीमा निगम को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है. खबरें सामने आ रही है कि केंद्र सरकार की तरफ से सैलेरी लिमिट बढ़ाने के साथ- साथ कई बड़े फैसले लेने की तैयारी की जा रही है. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की ओर से कुछ जरूरी संकेत भी दिए गए हैं.
EPFO के कर्मचारियो के लिए जरूरी खबर
उन्होंने कहा कि श्रम और रोजगार मंत्रालय जल्द ही ईपीएफओ और ESIC के जरिए सैलेरी लिमिट बढ़ाने, न्यूनतम वेज तय करने और कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर फैसला लेगा. कुछ समय पहले ही केंद्र के साथ इन मुद्दों को लेकर जरूरी मीटिंग भी हुई थी, तब इन पर चर्चा हुई थी. ईपीएफओ की सैलेरी लिमिट 15 हजार रुपये प्रति महीना है तो ESIC के लिए यह लिमिट 21 हजार रुपये है. EPS के लिए न्यूनतम पेंशन हजार रुपए प्रति महीना है. अगर अब सरकार की तरफ से उनकी लिमिट को बढ़ा दिया गया तो नौकरी पेशा करने वाले लोगों को अच्छा खासा लाभ मिलने वाला है.
4 महीनो के अंदर लेना होगा फैसला
बीते जनवरी महीने की बात की जाए, तो सुप्रीम कोर्ट की तरफ से केंद्र सरकार को कर्मचारी भविष्य निधि योजना में सैलेरी लिमिट के संशोधन पर चार महीनों के अंदर कोई फैसला लेने के आदेश जारी किए गए थे. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस सीमा में पिछले 11 सालों से कोई भी बड़ा बदलाव नहीं हुआ है.
याचिका करता के वकील प्रणव सचदेवा और नेहा राठी ने अपनी दलील में कहा था कि देश के कई हिस्सों में न्यूनतम सैलरी इस लिमिट से अधिक होने के बावजूद ईपीएफओ की सैलेरी लिमिट में किसी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं हुआ है जो की चिंता का विषय है. इसमें बड़ी संख्या में सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि के लाभ से नौकरी पेशा लोगों को वंचित रखा हुआ है.
