गुरुग्राम । हरियाणा के गुरुग्राम में शुक्रवार को भारत का सबसे बड़ा ईवी (Electric Vehicles) चार्जिंग स्टेशन खुल गया है. जिसको दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खोला गया. इससे पहले भारत का सबसे बड़ा ईवी चार्जिंग स्टेशन नवी मुंबई में स्थित था, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 16 एसी और 4 डीसी चार्जिंग पोर्ट थे. जबकि गुरुग्राम में बने इस ईवी चार्जिंग स्टेशन में एक समय में करीब 100 इलेक्ट्रिक कारें चार्ज की जा सकेंगी.
बता दें इज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम में भारत के सबसे बड़े चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत शुक्रवार 28 जनवरी को ई-हाइवे के तकनीकी पायलट नैशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक वीइकल (NHEV) के अंतर्गत गुरुग्राम के सेक्टर 52 में एलेक्ट्रिफाई हब से हुई. मंत्रालय द्वारा जनवरी 2022 में जारी संशोधित दिशा-निर्देश और मानकों पर खरा उतरने वाला ये अबतक का पहला बड़ा चार्जिंग स्टेशन होगा. एनएचईवी का यह प्रोजेक्ट शुरुआत में जयपुर-दिल्ली-आगरा को जोड़ने वाला पहला ई-हाइवे बनेगा.
जानकारी के लिए बता दें यह इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन न केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के लिए, बल्कि देश में आगे बनने वाले स्टेशनों के लिए भी स्टैंडर्ड सेट करेगा. इस स्टेशन से काफी उद्योगों को भी फायदा मिलने वाला है. इस नए EV चार्जिंग स्टेशन को टेक-पायलटिंग कंपनी अलेक्ट्रिफाई प्राइवेट लिमिटेड (Alektrify Private Limited) द्वारा विकसित किया गया है.
एनएचईवी कार्यकारी समूह के सदस्य और एलेक्ट्रिफाई स्टेशन के प्रबंध संचालक प्रवीण कुमार ने बताया कि स्टेशन में 96 चार्जर वर्तमान में चल रहे है और स्टेशन एक साथ 96 इलेक्ट्रिक कारों को और पुरे दिन में 576 वाहनों को चार्ज कर सकता है , उन्होंने बताया एक AC चार्जर एक कार को 6 घंटे में पूरा चार्ज करता है और पूरे दिन में ऐसी 4 गाड़ियों को चार्ज करता है. हमारे पास ऐसे 72 चार्जर हैं, जो पूरे दिन में 288 गाड़ियों को बिना रुके चार्ज कर सकता है. वहीं, एक DC फास्ट चार्जर एक कार को आराम से एक घंटे में चार्ज कर सकता है.
इस चार्जिंग स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने यहां का दौरा कर स्टेशन की स्थापना और संचालन में विभिन्न सरकारी मानक अनुपालन और उद्योग की सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में जानकारी हासिल की. इसके अलावा इस मौके पर नीति आयोग और विभिन्न सरकारी संस्थानों से आए गेस्ट को एनएचईवी कार्यक्रम निदेशक अभिजीत सिन्हा ने स्टेशन की तकनीकी क्षमता और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की भी जानकारी दी.
