हरियाणा कांग्रेस ने अहीरवाल क्षेत्र में खेला मास्टर स्ट्रोक, दांव चला तो BJP के लिए सिरदर्द बन सकती है दोनों सीटें

गुरुग्राम | लोकसभा चुनावों के लिए हरियाणा में सभी राजनीतिक दल अपने चुनाव प्रचार अभियान को रफ्तार देने में जुटे हुए हैं. वहीं, हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र की बात की जाए, तो यहां लोकसभा की 2 सीटें आती है, जो सूबे की चौधर का फैसला करती है. पहली गुरुग्राम और दूसरी भिवानी-  महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट है. दोनों सीटों पर पिछले 2 बार से बीजेपी के सांसद जीते हैं और अबकी बार तीसरी जीत हासिल कर हैट्रिक लगाने का दावा किया जा रहा है.

BJP Vs Congress INC

राव इंद्रजीत का चलता हैं सिक्का

अहीरवाल की राजनीति पार्टी से ज्यादा नेताओं की छवि के इर्द- गिर्द घूमती है. पहले महेंद्रगढ़ और फिर गुरुग्राम से 5 बार सांसद बन चुके राव इंद्रजीत सिंह का अहीरवाल क्षेत्र में तगड़ा दबदबा है. 2014 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन करने वाले राव इंद्रजीत लगातार 2  बार बीजेपी से सांसद बनकर केन्द्र सरकार में मंत्री पद पर कार्यरत हैं. कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर भी उनके राजनीतिक करियर पर कोई फर्क नहीं पड़ा और चुनावी रण में उन्हें पटखनी देना आज भी विरोधियों के लिए चुनौती बना हुआ है.

कांग्रेस ने खेला मास्टर स्ट्रोक

इस बार कांग्रेस पार्टी ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए गुरुग्राम लोकसभा सीट से फिल्म अभिनेता राज बब्बर को प्रत्याशी बनाया है. राज बब्बर पंजाबी समुदाय से हैं और इस लोकसभा क्षेत्र में उनके समुदाय के वोटर्स की संख्या का आंकड़ा करीब 30% है. इसके अलावा, गुरुग्राम लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले नूंह जिले की तीन विधानसभा सीटों पर करीब 4 लाख से ज्यादा मतदाता हैं और वर्तमान में तीनों सीटों पर कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं. कांग्रेस को मुस्लिम वोटर्स पर सबसे ज्यादा भरोसा रहा है. वहीं, राज बब्बर भी कांग्रेस पार्टी के परम्परागत वोट बैंक के साथ ही पंजाबी वोटर्स को रिझाने की भी कोशिश करेंगे.

भीतरघात का अंदेशा

गुरुग्राम लोकसभा सीट से प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह को भीतरघात का अंदेशा लग रहा है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी अहीरवाल में राव इंद्रजीत सिंह का विकल्प तलाश रही है. वहीं, अंदरखाने बीजेपी के कई नेताओं को खास तवज्जो दी जा रही है और उनमें से एक अभय यादव भी है. इसके अलावा, पार्टी के कई नेता राव इंद्रजीत सिंह को पसंद नहीं करते हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी से ज्यादा राव इंद्रजीत सिंह खुद की राजनीति को प्रमोट करते हैं.

भिवानी- महेंद्रगढ़ सीट पर प्रचार करने उतरे राव इंद्रजीत

कांग्रेस पार्टी ने भिवानी- महेंद्रगढ़ सीट से राव दान सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने लगातार 2 बार से सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह पर फिर से भरोसा जताया है. उनके चुनाव प्रचार के लिए राव इंद्रजीत सिंह चुनावी रण में उतर चुके हैं. वो पहले महेंद्रगढ़ से 2 बार सांसद रह चुके हैं. भिवानी में जाट वोटर्स और महेंद्रगढ़ में यादव वोटर्स निर्णायक भूमिका में होंगे. हालांकि, JJP ने भी यहां से कांग्रेस छोड़कर आए राव बहादुर सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. ऐसे में यादव वोटर्स का बंटवारा बीजेपी प्रत्याशी चौधरी धर्मवीर सिंह के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

अहीरवाल में किसान और जवान का मुद्दा

अहीरवाल क्षेत्र को किसानों और जवानों की धरती के नाम से जाना जाता है. इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी सेना में रही है लेकिन मोदी सरकार की अग्निवीर योजना से यहां के युवाओं में खासी नाराजगी है. नाराजगी का आलम यह था कि चौधरी धर्मवीर सिंह के चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे राव इंद्रजीत सिंह को भी विरोध का सामना करना पड़ा था.

वहीं, बीजेपी प्रत्याशी को किसानों की भी जबरदस्त नाराजगी झेलनी पड़ रही है. कांग्रेस इन दोनों मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर वोटर्स को रिझाने की कोशिश कर रही है. ऐसे में इन दोनों लोकसभा सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों के लिए जीत हासिल करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

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