हरियाणा बीजेपी सरकार के इशारे पर 7 साल में 28 पेपर लीक, कोई FIR और गिरफ्तारी नहीं: रणदीप सुरजेवाला

हिसार | हरियाणा राज्य में पेपर लीक मामले पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. प्रदेश की विपक्षी पार्टियों द्वारा मनोहर सरकार पर लगातार निशाना साधा जा रहा है वहीं प्रदेश सरकार विधानसभा सत्र में पेपर लीक पर कानून लाने की तैयारी में जुटी हुई है. बीते सोमवार को कॉन्ग्रेस नेता सुरजेवाला ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.

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सोमवार 23 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महासचिव रणदीप सुरजेवाला सिरसा के कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे. शोक समारोह के बाद सुरजेवाला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले पेपर लीक का मामला मैंने उठाया था. उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं का भविष्य सीएम और डिप्टी सीएम ने पेपर माफियों को बेच दिया है. हरियाणा में गुण और दोष के आधार पर नौकरी नहीं मिलेगी, कितने पैसे में पेपर खऱीदे जा सकते हैं, इस आधार पर नौकरी मिलेगी.

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बीजेपी सरकार के 7 साल में 28 पेपर लीक: सुरजेवाला

रणदीप सुरजेवाला ने ने पेपर लीक मामले में हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग दोनों के ऊपर जमकर निशाना साधा. सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा सरकार के इशारे पर ही पेपर लीक हुआ है. हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) इस मामले में दोषी है, इसलिए कमीशन पर FIR दर्ज करने के बाद कमीशन को भंग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के 7 साल के राज में 28 बार पेपर लीक हुआ, लेकिन अभी तक किसी भी मामले में किसी पर FIR दर्ज नहीं हुई है और ना ही किसी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

सुरजेवाला ने उप मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

बीजेपी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला पर भी गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला पेपर माफिया की जांच से घबरा क्यों रहे हैं? क्यों वे सीबीआइ से जांच करवाने से इन्कार कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि प्रदेश के गृहमंत्री ने अपनी पुलिस की निष्पक्षता पर फतवा जारी कर दिया परंतु सीएम व डिप्टी सीएम जांच नहीं करवाना चाहते. प्रदेश की गठबंधन सरकार को घेरते हुए सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार हरियाणा में पेपर बेचने और रोजगार बेचने की दुकान चला रही है.

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हरियाणा नकल विरोधी कानून

हरियाणा सरकार प्रदेश में पेपर लीक और नकल को रोकने के लिए कानून लाने की तैयारी में है. बीते सोमवार को विधानसभा में नकल विरोध कानून हरियाणा लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम-2021 पेश किया है. इसके मुताबिक पेपर लीक करने वाले को 7 से 10 वर्ष कैद और 10 लाख रु. तक जुर्माना होगा. साथ ही प्रॉपर्टी नीलाम कर नुकसान की भरपाई की जाएगी. वहीं, नकल करने पर अभ्यर्थी को 2 वर्ष की कैद और 5 हजार रु. जुर्माना हो सकता है. बिल पर मंजूरी मिलने के बाद राज्यपाल को भेजा जाएगा जिसके बाद यह कानून बन जाएगा.

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