हिसार | हरियाणा के हिसार जिले में प्रस्तावित एक नए बाईपास की निर्माण योजना पर फिर पेंच फंस गया है. बता दें कि दिल्ली- हिसार (NH- 9) मिर्जापुर चौक से चंडीगढ़ हाइवे (NH- 52) को तलवंडी राणा के पास जोड़ने वाले 8 किलोमीटर लंबा फोरलेन हाइवे अब 30 एकड़ जमीन के फेर में उलझ गया है.

ऐसे समाधान करने की तैयारी में प्रशासन
इस अड़चन को दूर करने के लिए प्रशासन ने अब हरियाणा कंसोलिडेशन एक्ट सेक्शन-5 का सहारा लिया है. इसके तहत अब जमीन मालिकों के मालिकाना हक का नए सिरे से वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है. तहसील कार्यालय से फाइनल रिपोर्ट मिलते ही एसडीएम के माध्यम से प्रभावित 118 जमीन मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे. इस प्रक्रिया के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई को तेज किया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी कानूनी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर प्रोजेक्ट शुरू कराया जाएगा.
यहां फंसा पेंच
तलवंडी राणा के एक किसान ने बताया कि पिताजी के 6 भाई थे. जमीन का रेवेन्यू रिकॉर्ड के आधार पर पक्का बंटवारा नहीं हुआ. ऐसे में अब जहां से फोरलेन निकलना है वहां हमारे परिवार की ज्वॉइंट खाते की जमीन है. परिवार के कुछ लोग जमीन देना चाहते हैं, कुछ देना नहीं चाहते इसको लेकर विवाद है. पहले जिन किसानों की जमीन ली गई थी वहां B&R ने 1 करोड़ 11 लाख रुपए के हिसाब से उन्हें प्रति एकड़ के रेट पर रुपए दिए थे मगर अब मार्केट रेट ज्यादा हो चुका है.
एक साथ मिलेंगे कई फायदे
वर्तमान में दिल्ली रोड से चंडीगढ़ जाने के लिए लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है. फोरलेन हाइवे के निर्माण से यह सफर सीधा हो जाएगा. हिसार एयरपोर्ट के विस्तार के कारण पुराना चंडीगढ़ रोड बंद होने से तलवंडी राणा सहित कई गांवों की शहर से दूरी बढ़ गई थी, जो इस सड़क मार्ग से घट जाएगी. इस दूरी के घटने से न केवल यात्रा के समय में कमी आएगी बल्कि बसों का किराया भी कम हो जाएगा.