हिसार | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) द्वारा अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पहल के तहत हिसार में विश्वस्तरीय एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर स्थापित करने का फैसला लिया है. प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एंड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट के साथ समझौता किया है.
राज्य और केंद्र के बीच हुआ समझौता
इस पर एनआईसीडीसी के सीईओ एवं एमडी रजत कुमार सैनी, हरियाणा सरकार की नागरिक उड्डयन विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी. कुमार और हरियाणा एयरपोर्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के एमडी नरहरि सिंह बांगड़ द्वारा हस्ताक्षर किए गए. हरियाणा को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाने तथा प्रदेश में विश्व स्तरीय औद्योगिक अवसंरचना का विकास करने के उद्देश्य से राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच यह समझौता किया गया है.
मेक इन इंडिया को मिलेगी मजबूती
ऐसा माना जा रहा है कि मेक इन इंडिया अभियान को विकास देने में यह परियोजना काफी ज्यादा सहायक होगी. साथ ही देश को वैश्विक विनिर्माण शक्ति के रूप में स्थापित करने में भी इस परियोजना का योगदान रहेगा. औद्योगिक क्षेत्र में निवेश से युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के मौके मिलेंगे. इससे सीधे तौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा. करीब 2988 एकड़ में विकसित होने वाले इस प्रोजेक्ट से 32 हजार 417 करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि इससे 1.25 लाख से ज्यादा रोजगार के मौके भी जेनरेट होंगे.
4680 करोड़ रुपये अनुमानित लागत
इस विषय में जानकारी देते हुए राव नरबीर सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि हिसार में प्रस्तावित यह एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर राज्य के औद्योगिक परिवेश को बदलने का काम करेगा. एयरपोर्ट से नजदीकी होने और बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा के चलते यह परियोजना वैश्विक निवेशकों को अपनी ओर खींचने का काम करेगी. प्रदेश सरकार हरियाणा को उत्तर भारत का अग्रणी औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. इस परियोजना पर अनुमानित लागत 4680 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
