हिसार | हरियाणा के हिसार जिले की अग्रोहा नगरी में स्थित अग्रोहा मंदिर महाराजा अग्रसेन के इतिहास का गवाह है. बता दें कि इस शक्ति पीठ मंदिर में भारत का पहला अष्टलक्ष्मी मंदिर तैयार होने जा रहा है. यह भारत का पहला ऐसा मंदिर है जिसमें महालक्ष्मी के साथ माता लक्ष्मी के 8 स्वरूपों से बनी भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी. इन स्वरूपों को चांदी से ही तैयार किया गया है और इन अष्टलक्ष्मी स्वरूपों को चांदी के सिंहासन पर ही विराजमान किया जाएगा.
अग्रोहा में बनेगा मंदिर
यह मंदिर श्रीयंत्र पर आधारित है. इसका डिजाइन वही आर्किटेक्ट तैयार करेंगे जिन्होंने अयोध्या के राम मंदिर को बनाया है. इस मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान के लाल पत्थरों का प्रयोग किया जा रहा है. 108 फीट चौड़े और 108 फीट ऊंचे इस मंदिर का निर्माण कार्य 70% हो चुका है.
उम्मीद है कि 2026 में यह मंदिर पूरी तरह तैयार हो जाएगा. इसके बाद, पर्यटक इस मंदिर की अद्भूत मूर्तियों एवं सुंदरता को देख सकते है. यह मंदिर पूरे भारत में आकर्षण का केंद्र बनेगा. यहां बिना सरिए और बिना पिलर के 75 फीट हॉल तैयार किया जा रहा है.
शक्तिपीठ की यह होगी विशेषता
यहां 8 पुत्रों के साथ महाराजा अग्रसेन एवं मां माधवी का कांच का मंदिर और 18 तीर्थ एवं नदियों के जल का पवित्र दर्शन होगा. मनमोहक एवं ऐतिहासिक झांकियां होगी, जिसमें लाला लाजपत राय, सेठ टोडरमल, लव- कुश, 18 ऋषियों द्वारा यज्ञ एवं महाराजा अग्रसेन महाभारत में गीता का संदेश सुनते नजर आएंगे. यहां देश के सभी ज्योतिर्लिंगों, चारों धामों और नौ देवियों की गुफा के साक्षात दर्शन होंगे.
यहां पर्यटकों के ठहरने की भी व्यवस्था होगी. इसके लिए 100 कमरे की वातानुकूलित धर्मशाला की सुविधा मिलेगी. अग्रवाल वैश्य समाज के 60 माहापुरुषों की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. म्यूजियम जिसमें अग्रवाल वैश्य समाज के विविध क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों की चित्रावली होगी.
