हरियाणा की इस आइकॉनिक साइट पर चौंकाने वाला खुलासा, 10 हजार साल पुरानी नदी होने के अवशेष

हिसार | हड़प्पा कालीन सभ्यता को लेकर हिसार जिले की आइकानिक साइट राखीगढ़ी में टीला नंबर- 7 के पास चल रही खुदाई के दौरान 10 हजार साल पुरानी नदी होने के अवशेष मिले हैं. वह नदी करीब 5 हजार साल पहले सूख गई थी. अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी इस पर मंथन करने में जुटे हुए हैं.

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नदी सूखने के बाद पानी का संरक्षण किस तरह किया जाता था और फसलें कैसे पकाई जाती थी. इस नदी का प्रयोग बड़े पैमाने पर व्यापार करने के लिए भी किया जाता था. बता दें कि इस नदी का पता लगाने के लिए 2022-23 में सैंपल लिए गए थे और उसकी कार्बन डेटिंग से इस नदी के होने के प्रमाण मिले हैं.

कार्बन डेटिंग से मिले प्रमाण

राखीगढ़ी में पहली बार ये भी खुलासा हुआ है कि टीला नंबर- 7 के बराबर में एक सूखी नदी होने के अवशेष मिले थे. जोकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग दिल्ली और जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने मिलकर इस पर काम किया है. उस जगह से बालू के सैंपल लिए और फरीदाबाद की एक लैब में कार्बन डेटिंग करवाई तो पता चला कि 10 हजार साल पहले यहां नदी थी और इस नदी में पानी था.

इस नदी का इस्तेमाल व्यापार करने के लिए भी किया जाता था. वो लोग छोटी-छोटी नाव बनाकर उनमें सामान डालकर एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाते थे. जब यह नदी सूख रही थी तो उस समय लोगों ने पानी का प्रबंध कैसे किया होगा, इस पर पुरातत्व विभाग की तरफ से खोज की जा रही है.

यहां से लिए गए थे सैंपल

जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने संयुक्त तरीके से चार अलग-अलग जगहों से करीब 8 मीटर गहराई से साल 2022-23 में सैंपल लिए थे. दो सैंपल राखी गढ़ी और एक नारनौंद के पास से भी लिया था. सैंपल में जो बालू निकला था, उसकी कार्बन डेटिंग करवाई तो 10 हजार साल पुरानी नदी होने के पुख्ता प्रमाण मिले.

खोदाई के दौरान यह भी सामने आ चुका है कि पानी संरक्षण करने के लिए उस समय लोगों ने टैंक बनाए थे और बड़े बर्तनों में भी पानी को स्टोर किया जाता था. बारिश के मौसम में वह लोग ऐसा करते होंगे.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.