झज्जर | हरियाणा की धरती पर अब न्यूजीलैंड, बैंकाक, थाईलैंड और नीदरलैंड के फूलों की खुशबू महकेगी. प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार, झज्जर जिले के बादली क्षेत्र के मुनीमपुर गांव में बागवानी बनकर तैयार हो चुका है.
इस्राइल की तकनीक होगी इस्तेमाल
यहां इस्राइल की तकनीक पर हरियाणा में पहला फ्लावर एक्सीलेंसी सेंटर तैयार किया गया है, जहां देशी- विदेशी फूल वैज्ञानिक और विदेशी तकनीक से तैयार किए जाएंगे. फूलों की पौध किसानों के लिए तैयार की जा रही है. यहां पर 10 करोड़ की लागत से तैयार हाईटेक नर्सरी में एक साथ 6 लाख पौध तैयार हो सकती हैं.
पौध तैयार करने के लिए 13 एकड़ जमीन पर फ्लॉवर एक्सीलेंसी सेंटर में काम शुरू हो गया है. विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉक्टर हेमंत सैनी ने बताया कि पौध में ड्रिप से सिंचाई की जाती है.
पहले चरण में यह पौध होगी तैयार
3 एकड़ में इंडियन मैरीगोल्ड तैयार की जा रही है. बुके बनाने में प्रयोग होने वाले ग्लेडिओएस, कार्यालय और मकान में रखने वाले नेचुरल सेंट, बुके और सजावट के लिए जनवीरा किस्म, अलग- अलग रंगों के गुलाब में डच रोज की पौध को पहले चरण में तैयार किया जा रहा है. 2025 में 20 लाख पौध तैयार करने का लक्ष्य रखा है. किसानों को एक रुपये से पौने दो रुपये तक की कीमत पर फूलों की पौध यहां उपलब्ध हो जाएगी. वहीं, आयात- निर्यात के लिए दिल्ली की मंडी सहारा बनेगी.
दो नेट हाउस, दो पोली हाउस बनाए गए हैं जो 2-2 हजार स्क्वायर मीटर के हैं. 9 एकड़ का ओपन एरिया भी यहां पर रखा गया है. इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद हाईटेक पोलीहाउस का ट्रायल हो चुका है- डॉ. सुरेश कुमार, प्रोजक्ट मैनेजर एवं इंचार्ज, मुनीमपुर बागवानी
