झज्जर | हरियाणा के झज्जर जिले की शान ओलंपियन रेसलर दीपक पुनिया 3 फरवरी को शादी के बंधन में बंधने जा रहे है. दीपक ने अपनी शादी को बिल्कुल देसी अंदाज में करने का फैसला लिया है, जिसमें मेहमानों को देसी घी का चूरमा और दूध जलेबी जैसे व्यंजन खाने को मिलेंगे. उनकी सारी रस्में और रिति-रिवाज उनके गांव छारा में होंगे. वह शादी के 7 दिन पहले बान बैठेंगे.
दीपक पुनिया की शादी मे पहलवान शामिल
शादी में आने वाले मेहमानों में सबसे ज्यादा पहलवान शामिल होंगे. दीपक आर्मी में सूबेदार है. उनका विवाह पिता के पुराने दोस्त की बेटी शिवानी से होने जा रहा है. उनकी रिंग सेरेमनी 25 सितंबर 2025 को हुई भी और सेरेमनी में दोनों परिवारों ही शामिल थे. शिवानी और दीपक के पिता अच्छे दोस्त रहे है, अब यह दोस्ती रिश्तेदारी में बदलने वाली है.
शादी में क्या है खास?
2 फरवरी को झज्जर के धनखड़ फॉर्म हाउस में लंच रखा गया है जिसमें गांव वाले और परिचितों को भोजन कराया जाएगा. इस दौरान पहलवानों की संख्या ज्यादा होगी, इसके लिए देसी घी का चूरमा, गर्मागर्म जलेबी और दूध परोसे जाएंगे. शादी में खास बात यह है कि शादी बिना किसी दहेज के होगी ताकि समाज को अच्छा संदेश मिले. दोनों ही परिवारों की कोशिश है कि विवाह में अधिक दिखावा न हो.
केतली से लेकर पहलवान तक का सफर
दीपक पूनिया का जन्म 19 मई, 1999 को झज्जर जिले के गांव छारा में हुआ था. बचपन से ही पहलवानी उनके खून में रमी है, क्योंकि उनके पिता भी राष्ट्रीय स्तर पर पहलवान रह चुके है. दीपक जब 5 साल का था तब से ही अखाड़े में जाने लगा. वहां उसका नाम केतली पहलवान पड़ा क्योंकि दीपक ने एक बार दूध पीते- पीते पूरी केतली ही खाली कर दी थी. दीपक का बचपन मे अखाड़े से लेकर दिल्ली के छत्रपाल स्टेडियम तक का सफर काफी यादगार रहा है.
