जींद के जुलाना में हुई अनोखी शादी, दूल्हे ने शगुन में अंगूठी लेने से किया इनकार

जींद | हरियाणा के जींद (Jind) के जुलाना के गांव करसोला में एक अनोखी शादी हुई. अनोखी इसलिए क्योंकि शादी में जो हुआ, उसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरत में पड़ गए. दरअसल, यहां दहेज प्रथा के विरोध में वर पक्ष के लोगों ने समाज में एक अनोखी मिसाल पेश कर दी. गांव में एक लड़की की शादी थी. इस दौरान दुल्हन के पिता ने शगुन के तौर पर दूल्हे को अंगूठी पहनानी चाही. इस पर दूल्हे ने अंगूठी लेने से इनकार कर दिया और शगुन के तौर पर मात्र ₹1 स्वीकार किया. वहां मौजूद लोग यह देखकर काफी हैरान रह गए और दूल्हे की काफी प्रशंसा भी की.

SADHI

सहजता से ठुकराया दहेज

मिली जानकारी के अनुसार, गांव मोहनगढ़ छापड़ा के दूल्हे सोनिक की शादी गांव करसोला के किसान की बेटी संजना के साथ तय हुई. जब बारात वधु पक्ष के घर पहुंची और दुल्हन के पिता ने दूल्हे को शगुन के रूप में सोने की अंगूठी पहनानी चाही, तो दूल्हे ने बड़ी सहजता के साथ उसे लेने से इनकार कर दिया. दूल्हे के पिता, खटकड़ खाप के उप प्रधान सत्यवान खटकड़ उर्फ लीला ने कहा कि लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों के बराबर हैं. लड़कियों को घर की लक्ष्मी माना जाता है. उनके बताया कि उनके बेटे ने एमबीए और बहू संजना ने B.Ed की पढ़ाई की हुई है.

यह भी पढ़े -  जींद के उचाना में नए स्वास्थ्य केंद्र का रास्ता साफ, PWD ने जारी किया टेंडर

दहेज प्रथा के खिलाफ दिया संदेश

दूल्हे के पिता ने कहा कि जब हम दूसरों के लिए अच्छा करेंगे, तो हमें अच्छा मिलेगा. हमारा परिवार बहू नहीं, बल्कि बेटी घर लाना चाहता था. हम नहीं चाहते थे कि दहेज के लिए किसी दूसरे को तंग करें. हम बाकियों को भी यही कहेंगे कि कभी दहेज नहीं लेना चाहिए. दहेज लेना और देना दोनों ही प्रथाएं गलत हैं और इन्हें बंद होना चाहिए. लड़की का पिता अपनी बेटी को पैसे खर्च कर पढ़ाता है और दहेज देकर उस पर और ज़्यादा आर्थिक बोझ पड़ता है. उन्होंने कहा कि उन्होंने हर शगुन के तौर पर ₹1 स्वीकार किया है.

Avatar of Nisha Tanwar
Nisha Tanwar
View all posts