ज्योतिष | साल 2025 में चैत्र नवरात्रि मार्च के महीने में आने वाली है. सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. बता दे कि वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि आती है, इस दौरान दो गुप्त नवरात्रि अभी शामिल है. इन दौरान पूरे विधि- विधान के साथ मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा- अर्चना करने का विधान है. आज की इस खबर में हम आपको चैत्र नवरात्रि के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
9 दिनों तक करें विशेष पूजा- अर्चना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का 9 दिनों तक व्रत रखने व पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा आप पर बनी रहती है. अबकी बार चैत्र नवरात्रि कब से शुरू होगी. हम आपको कैसे पूजा अर्चना करनी चाहिए, इस बारे में भी हम आपको जानकारी देने वाले हैं.
30 मार्च से शुरू चैत्र नवरात्रि
नवरात्रि प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 मार्च 2025 को शाम 4:27 मिनट से होगी, जिसका समापन 23 मार्च 2025 को होगा. ऐसे में उदय तिथि के अनुसार, 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. इस दौरान घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:13 से 10:22 मिनट तक रहने वाला है. घट स्थापना का अभिजीत मुहूर्त 12:01 से 12:50 मिनट तक रहने वाला है.
इस प्रकार करें मां दुर्गा की विधि- विधान पूजा
- इसके लिए आपको सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करना है और अपने घर के मंदिर को साफ करना है और माता का गंगाजल से अभिषेक करवाना है.
- अक्षत, लाल चुन्नी और लाल पुष्प माता रानी को समर्पित करने है और घट स्थापना करनी है.
- अब आपको अपने घर के मंदिर में धूपबत्ती और घी का दीपक जलाना है.
- दुर्गा सप्तशती और मां दुर्गा चालीसा का पाठ करना है, प्रसाद के रूप में पूरी- चना और खीर हलवा बना सकते हैं. हवन पूजन आदि करें.
- अंत में आप क्षमा प्रार्थना करें कि अगर आपसे पूजा के दौरान कोई भी गलती हो गई है, तो माता रानी आपकी भूल को माफ करें.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
