ज्योतिष | हिंदू धर्म में नवरात्रि को विशेष महत्व प्राप्त है, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है. वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि आती है जिसमें एक चैत्र नवरात्रि एक शारदीय नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि शामिल है. आज हम आपको चैत्र नवरात्रि के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे. आपको मां दुर्गा की पूजा में कुछ चीजों को अवश्य शामिल करना चाहिए ऐसा करने से वह आसानी से प्रसन्न हो जाती है.
19 मार्च से शुरू चैत्र नवरात्रि
पहली नवरात्रि चैत्र महीने में और दूसरी आश्विन मास में मनाई जाती है. दोनों ही नवरात्रों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का विधि विधान से पूजा अर्चना करने का महत्व बताया गया है. अबकी बार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च रामनवमी के दिन संपन्न होगी. अगर आप भी जाते हैं कि मां दुर्गा आपसे प्रसन्न रहे तो आपको उनकी पूजा में कुछ चीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
पूजा में अवश्य शामिल करें यह चीजें
जैसे की मिठाई का भोग- गंगाजल- कपूर- श्रृंगार की सामग्री- मिट्टी का पात्र- तांबे या मिट्टी का कलश- आम के पत्ते- लाल चुनरी- अक्षत- रोली और कुमकुम- आसन- माता रानी का ध्वजा- लाल चुनरी- सूखा नारियल या जटा वाला नारियल- फूल माला- अगरबत्ती और धूप अगर आप पूजा में इन सभी चीजों को शामिल करते हैं तो निश्चित रूप से मां दुर्गा आपसे प्रसन्न हो जाएगी और आपके मन वांछित आशीर्वाद देगी.चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिंदू नव वर्ष की भी शुरुआत हो जाएगी.
माता रानी के भक्तों के लिए यह 9 दिन किसी भी बड़े त्यौहार से कम नहीं होते. अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी जिंदगी में साल भर सुख शांति बनी रहे तो आप नवरात्रों में व्रत भी रख सकते हैं या फिर विधि विधान से पूजा अर्चना करें.
इन 9 रूपों की की जाती है पूजा- अर्चना
- नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री की पूजा
- नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
- नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की पूजा
- नवरात्रि का चौथा दिन मां कुष्मांडा की पूजा
- नवरात्रि का पांचवा दिन मां स्कंदमाता की पूजा
- नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यानी की पूजा
- नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि की पूजा
- नवरात्रि का आठवां दिन महागौरी की पूजा
- नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा
संभल कर रहे इन राशियों के जातक
नवरात्रि के साथ आपको कई बड़े ग्रह भी राशि परिवर्तन करते हुए दिखाई देंगे. सूर्य और गुरु भी युति करेंगे, जिसका लाभ वैसे तो सभी 12 राशि के जातकों पर दिखाई देने वाला है. इस दौरान कुछ राशि के जातकों यानि वृश्चिक, मीन राशि को थोड़ा संभल कर रहने की आवश्यकता है, उनकी परेशानियां बढ़ सकती है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
