गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा के NCR क्षेत्र से गुजरात और महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कोटा में निर्माणाधीन आठ लेन की टनल के काम को पूरा कर लिया गया है और अगले महीने से इसे चालू करने की तैयारियां शुरू हो गई है.
आधे समय की होगी बचत
दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित इस टनल के शुरू होने के बाद गुरुग्राम से बड़ोदरा का सफर तय करते आधे समय की बचत होगी. जहां पहले लगभग 20 घंटे का समय लगता था. वहीं, अब यह समय घटकर 10 घंटे रह जाएगा.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और देश की आर्थिक राजधानी दिल्ली के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए 1380 किलोमीटर लंबे आठ लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कई हिस्सों में बांटकर किया जा रहा है. हरियाणा में इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र के गांव अलीपुर से होती है. वहीं, कोटा से पहले और कोटा से आगे वडोदरा तक इस एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है.
अतिरिक्त दूरी तय करने से मिलेगा छुटकारा
यह एक्सप्रेसवे कोटा में मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है जहां बड़ी संख्या में वन्य जीव- जंतु है. इसे देखते हुए लगभग 5 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया गया है. टनल को इस तरीके से बनाया गया है कि वन्य जीव- जंतुओं को आभास ही नहीं होगा कि नीचे से गाडियां गुजर रही है.
इस टनल के चालू होने पर कोटा के नजदीक लगभग 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने से छुटकारा मिलेगा. वहीं, इस एक्सप्रेसवे के वडोदरा से मुंबई के बीच सड़क मार्ग के हिस्से के निर्माण कार्य को इसी साल जून महीने तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद, गुरुग्राम से मुंबई की दूरी लगभग 12 घंटे में तय हो जाएगी.
इन जगहों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली एवं गुरुग्राम से होते हुए अलवर, जयपुर, दौसा, किशनगढ़, अजमेर, रणथंभोर, सवाई माधोपुर, लालसोट, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, इंदौर, अहमदाबाद, वडोदरा एवं सूरत जैसे शहरों के नजदीक से होते हुए मुंबई का सफर तय करता है. इससे दिल्ली- एनसीआर और हरियाणा से राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.
