ज्योतिष | सनातन धर्म में नवरात्रि को विशेष महत्व प्राप्त है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार साल में कुल चार बार नवरात्रि आती है जिसमें से दो गुप्त नवरात्रि, तीसरी चैत्र नवरात्रि और चौथी शारदीय नवरात्रि शामिल है. आज हम आपको चैत्र नवरात्रि के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जो चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ शुरू हो रहे हैं. इसी के साथ हिंदू नव वर्ष भी शुरू हो जाता है.
नवरात्रि 19 मार्च से शुरू
चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों शैलपुत्री- ब्रह्मचारिणी- चंद्रघंटा- कूष्मांडा- स्कंदमाता -कात्यानी- कालरात्रि -महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व बताया गया है. इसी के साथ भक्त पूरी श्रद्धा भाव से 9 दिन व्रत रखते हैं और पूजा अर्चना करते हैं नवरात्रि में कलश स्थापना का भी विशेष महत्व बताया गया है. 19 मार्च से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 मिनट से लेकर 7:40 मिनट तक रहने वाला है.
अगर आप भी मां दुर्गा के भक्त है और उन्हें प्रसन्न करना चाहते हैं तो नवरात्रि आपके लिए किसी बड़े त्यौहार से कम नहीं है. आप आसानी से मां दुर्गा को प्रसन्न कर सकते हैं.
इस प्रकार करें मां दुर्गा को प्रसन्न
- सबसे पहले आपको ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर लेना है और साफ वस्त्र धारण कर लेने हैं.
- इसके बाद आपको माता की चौकी लगानी है साफ वस्त्र बेचकर माता रानी को विराजमान करें.
- अब आपको कलश स्थापित करना है नवरात्रि में कलश स्थापित करने का विशेष महत्व बताया गया है.
- इसके बाद व्रत का संकल्प लेना है और पूजा अर्चना शुरू करनी है अब विधि विधान तरीके से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करनी है.
- नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है. उसके बाद कन्या पूजन किया जाता है.
- नवरात्रि में आपको लहसुन प्याज का इस्तेमाल नहीं करना होता.
पालकी पर विराजमान होकर आएगी माता रानी
अबकी बार नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से हो रही है ऐसे में मां दुर्गा डोली पर सवार होकर आएगी. जब नवरात्रि की शुरुआत सोमवार या रविवार से होती है तो मां दुर्गा गज यानी हाथी पर विराजमान होकर आती है. वहीं, शनिवार या मंगलवार के दिन अगर नवरात्रि शुरू हो तो माता घोड़े पर सवार मानी जाती है. वहीं, गुरुवार और शुक्रवार को माता डोली यानी पालकी पर आती है. नवरात्रि के साथ ही कुछ राशि के जातकों का अच्छा समय भी शुरू हो जाएगा. उन पर माता रानी की विशेष कृपा रहने वाली है. नवरात्रि के नौ दिनों में आप नियमित रूप से दुर्गा चालीसा का पाठ करें, ऐसा करने से मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती है और आपको मनवांछित आशीर्वाद देती है.
इन स्वरूपों की होती है पूजा
- मां शैलपूत्री पूजा 19 मार्च 2026
- मां ब्रह्मचारिणी पूजा 20 मार्च 2026
- मां चंद्रघंटा पूजा 21 मार्च 2026
- मां कूष्मांडा पूजा 22 मार्च 2026
- मां स्कंदमाता पूजा 23 मार्च 2026
- मां कात्यायनी पूजा 24 मार्च 2026
- मां कालरात्रि पूजा 25 मार्च 2026
- मां महागौरी पूजा 26 मार्च 2026
- मां सिद्धिदात्री पूजा 27 मार्च 2026
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
