ज्योतिष | भोलेनाथ को समर्पित सावन के महीने की शुरुआत के साथ ही कई बड़े त्योहार का आगमन आरंभ हो जाता है. श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को तीज का पर्व मनाया जाता है. अबकी बार तीज को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन बना हुआ है कि तीज 26 जुलाई की है या फिर 27 जुलाई की. आज हम आपके इस कंफ्यूजन तो दूर करने वाले हैं.
इस दिन महिलाएं रखती हैं व्रत
सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को तीज कहा जाता है, इसे ही हरियाली तीज के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती है और शिव- पार्वती की पूजा अर्चना भी करती है. इसके साथ ही अविवाहित कन्या भी योग्य वर पाने के लिए यह व्रत रखती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए काफी कठोर तपस्या की थी. उसी के बाद उन्हें भगवान भोलेनाथ ने स्वीकारा था.
इस प्रकार करें पूजा
हरियाली तीज को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन बना हुआ है. हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अबकी बार हरियाली तीज 27 जुलाई को है. हरियाली तीज का पारण 27 अगस्त को शाम के बाद किया जाता है. हरियाली तीज के मौके पर विवाहित महिलाओं को उनके ससुराल पक्ष की ओर से सिंजारा आता है, इसमें पारंपरिक कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी, सिंदूर, मिठाई, आदि चीजे शामिल होती है. इस दिन सुहागन महिलाओं को लाल रंग के कपड़े पहनना चाहिए. साथ ही, उन्हें अपने हाथों में मेहंदी भी लगानी चाहिए.
हरियाली तीज की पूजा के दौरान आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. इसके लिए आपको सबसे पहले लकड़ी का पाटा या चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बढ़ा लेना है. चौकी में चारों ओर बाँधने के लिए केले के दो- दो पत्ते, नारियल, शोलह श्रृंगार और मां पार्वती को चढ़ाने के लिए नई हरी साड़ी, शिवजी और गणेश जी के वस्त्र, फूल, बेलपत्र, केले का पत्ता, शमी पत्र, धतूरा, धतूरे के फूल, कलावा आदि चीजों को पूजा में शामिल करना चाहिए.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
