ज्योतिष | इस साल सितंबर का महीना ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से बेहद ही खास होने वाला है. बता दें कि इसी महीने में पितृपक्ष लगने जा रहा है. पितृपक्ष की शुरुआत भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होती है और आश्विन मास की अमावस्या पर खत्म होती है. यह महीना बेहद ही खास होने वाला है, क्योंकि इसमें 15 दिनों में पितृ पृथ्वी पर आते हैं और सभी लोग इन दिनों में पितरों का तर्पण करते हैं.
खास होगा सितंबर का महीना
पितृपक्ष के साथ- साथ सितंबर महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, जो इस महीने को और भी खास बना रहे हैं. चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 के दिन लगने जा रहा है. हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह ग्रहण रात को 9:58 मिनट से शुरू होगा, जिसका समापन देर रात 1:26 मिनट पर होने वाला है. बता दें कि यह चंद्र ग्रहण पूर्ण होगा. पितृपक्ष की शुरुआत होने पर और पितृपक्ष की समाप्ति पर दोनों ही दिन ग्रहण लग रहे हैं.
7 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष
21 सितंबर को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. अमावस्या के दिन लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इस वजह से इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा. पितृपक्ष की शुरुआत 7 तारीख से हो रही है और 21 तारीख को इसका समापन होगा. दोनों ही दिन काफी खास रहने वाले हैं. अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आपके पास शानदार मौका है.
आप सितंबर महीने में ऐसा कर सकते हैं, इस दौरान पितृ 15 दिनों के लिए धरती पर आते हैं. ऐसे में आप उनका तर्पण अर्पण करके उनको प्रसन्न कर सकते हैं. जब हमारे पितृ हमसे प्रसन्न होते हैं तो हमारे सारे कार्य बनते चले जाते हैं. ऐसे में जरूरी हो जाता है कि हम अपने पितरों को प्रसन्न रखें.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
