ज्योतिष, श्याम बाबा | कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जाता है. इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने बाद योग निद्रा से जाग जाते हैं. इस दिन हारे का सहारा खाटू श्याम जी हमारा का जन्मोंउत्सव भी मनाया जाता है. अबकी बार इस तिथि को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. आज की इस खबर में हम आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करने वाले हैं.
खाटू श्याम बाबा का जन्मोत्सव
राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम जी का भव्य मंदिर है. बाबा के जन्मोत्सव पर उन्हें इत्र से स्नान करवाकर, गुलाब चंपा और चमेली के साथ- साथ तरह- तरह के फूलों से सजाया जाता है. इसी के साथ श्याम बाबा को मेवे का केक अर्पित किया जाता है, अबकी बार देवउठनी एकादशी की तारीख को लेकर भी अलग-अलग मत बने हुए हैं. कुछ लोग एक नवंबर को देवउठनी एकादशी बता रहे है, तो कुछ लोग 2 नवंबर को देवउठनी एकादशी बता रहे हैं.
1 नवंबर को देवउठनी एकादशी
सुबह 9:11 मिनट पर 1 नवंबर को एकादशी तिथि की शुरुआत हो रही है और 2 नवंबर को सुबह 7:31 मिनट पर इसका समापन होगा. उदयातिथि की वजह से एकादशी की तिथि 1 नवंबर के दिन ही रहेगी. इस दिन खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन भी पूरे उत्सव के साथ मनाया जाएगा. कहा जाता है कि कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को ही बाबा श्याम का शीश मंदिर में सुशोभित किया गया था, इसी के उपलक्ष में देवउठनी या फिर प्रबोधिनी एकादशी के दिन खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है. कहा जाता है कि बाबा श्याम के इस दिन दर्शन मात्र से ही भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
