ज्योतिष | साल 2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे जिसमें से दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण शामिल है. हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च के दिन लगने जा रहा है. क्योंकि इसी दिन होली भी है. इस वजह से इस ग्रहण का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. अधिकतर लोगों के बीच यह कंफ्यूजन बना हुआ है कि क्या यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा. अगर आप हमारे इस आर्टिकल में लास्ट तक बने रहते हैं, तो अब आपका यह कंफ्यूजन काफी आसानी से दूर हो जाएगा.
कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण?
खगोल शास्त्रीय और वैज्ञानिकों के लिए ग्रहण काफी खास घटना मानी जाती है. जैसे ही चंद्रमा दिखेगा, तो वह ग्रहण लगा हुआ ही होगा. यह ग्रहण सिंह राशि में लगने जा रहा है. चंद्र ग्रहण मध्यान्ह 3:20 मिनट से शुरू होकर शाम 6:45 मिनट पर मोक्ष होगा जबकि सूतक काल इसे ठीक 9 घंटे पहले ही लागू हो जाएगा. क्योंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा इस वजह से इसका सूतक काल भी यहां पर लागू होगा. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता अर्थात सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है.
क्या भारत में भी दिखाई देगा ग्रहण?
साल 2026 में लगने वाला पहला चंद्र ग्रहण न केवल भारत बल्कि अन्य देश जैसे पाकिस्तान- अफ़गानिस्तान- न्यूजीलैंड- ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देने वाला है. भारत में यह ग्रहण मात्र 20 मिनट का ही रहने वाला है. ग्रहण के दौरान आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. सूतक काल में आपको संयम से काम लेना है. ग्रहण के समय भगवान का जितना हो सके नाम जप करें.
वृद्ध व बीमार लोगों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति खान-पान से परहेज करें. खासकर गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. इस दौरान आपको घर से बाहर नहीं निकलना है. अपने हाथ में किसी प्रकार की कोई भी नुकीली वस्तु नहीं लेनी है.
कब से लागू होगा सूतक काल
कई जगह पर ग्रहण का सूतक कल सुबह 6:27 मिनट से ही शुरू हो जाएगा तो कई मंदिरों में सुबह 9:00 बजे से सूतक काल शुरू हो रहा है. मंदिर के कपाट 3 मार्च को प्रातः 5:30 खुलेंगे और आरती के बाद 6:10 मिनट पर उन्हें बंद कर दिया जाएगा. साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होली के अवसर पर लगने जा रहा है, इसी वजह से होलिका दहन के लिए शुभ समय 2 मार्च का रहेगा. वही रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाने ज्यादा अच्छी रहेगी.
3 मार्च को ग्रहण की वजह से कोई भी कार्य इस दिन नहीं किया जाएगा. ग्रहण में जितना हो सके आप भगवान के नाम का जाप करें और इस अवधि में खाना खाने से भी परहेज करें. अगर किसी की तबीयत खराब है तो वह केवल सात्विक भोजन ही करें.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
