कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामला, पुलवामा में मिली पुलिस को बड़ी कामयाबी, खुल रही परतें, होंगे बड़े खुलासे

कैथल | कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक प्रकरण में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. पिछले 5 दिनों से जम्मू कश्मीर में डेरा डाले बैठी सीआइए वन पुलिस थाना की टीम ने श्रीनगर जिला पुलवामा फरता बल पामेर निवासी नजीर अहमद खांडे को गिरफ्तार किया गया है. आरोपित को 3 दिन का राहदारी रिमांड हासिल कर कैथल लाया जा रहा है. रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा.

Police Photo

आरोपित नजीर की हिसार के खांडाखेड़ी निवासी राजकुमार के साथ जान पहचान थी. जिसने राजकुमार को आगे आंसर-की उपलब्ध कराने के लिए एक युवक से मुलाकात करवाई थी. पुलिस ने आरोपित राजकुमार को आंसर की उपलब्ध करवाने वाले आरोपित की तलाश करने में जुटी है. इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस जम्मू कश्मीर में अब तक सात से आठ ठिकानों पर रेड कर चुकी है. लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है.

16 आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रकरण से जुड़े पुलवामा के फरता बल पामेर निवासी नजीर अहमद खांडे से पहले 16 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इनमें कैथल से 3, जींद से 11 व 2 हिसार के रहने वाले हैं. 5 दिन पहले पुलिस खांडाखेड़ी निवासी राजकुमार को हवाई जहाज से लेकर जम्मू कश्मीर पहुंची थी. मुख्य आरोपित को मिलवाने वाले युवक नजीर को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन मुख्य आरोपित अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

20 लाख रुपये पुलवामा में छुपाए

आरोपित राजकुमार ने पुलिस पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि उसने 20 लाख रुपये जम्मू कश्मीर में छुपाए हुए हैं.
जम्मू कश्मीर के ही किसी व्यक्ति से राजकुमार ने आंसर की ली थी. कितने में आंसर की ली यह तो मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा. आरोपित राजकुमार को हिसार के लघु सचिवालय के नजदीक स्थित कॉलोनी निवासी नरेंद्र ने आंसर की उपलब्ध करवाई थी. यह आंसर की एक करोड़ रुपए में खरीदी थी.

कोचिंग संचालक को बेची थी आंसर-की

नरेंद्र ने आगे जींद के गांव थुआ निवासी बालाजी एकेडमी संचालक रमेश को 10 लाख रुपये प्रति आंसर की बेची थी. रमेश ने आगे 10 से 18 लाख रुपये में आंसर की व्हाट्सएप पर भेजकर डील की थी. अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपितों में सात स्वयं परीक्षार्थी थे. जिन्होंने आंसर की खरीदी थी. वहीं अन्य आरोपितों में साली के लड़के, स्वयं के लड़के, तो किसी ने अपने चाचा के लड़के तो नौकरी लगवाने के लिए इस गिरोह से सांठ-गांठ की थी. इस मामले को लेकर डीएसपी विवेक चौधरी की अध्यक्षता में एक एसआइटी का गठन किया हुआ है.

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