कैथल । हरियाणा में बीते तीन दिनों में बासमती धान की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. मात्र तीन दिनों में बासमती धान के रेटों में 500 रुपयों की गिरावट आई है. अचानक बासमती धान की कीमत में इतनी गिरावट आने से किसान मायूस हो गए हैं. किसानों को अब यह डर सताने लगा है कि कहीं और अधिक रेट कम ना हो जाए इसलिए किसानों ने अपनी रोकी हुई बासमती धान को भी निकालना आरंभ कर दिया है. बासमती धान की कीमत एक सप्ताह पहले 4800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी जो अब घटकर 4300 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है.
लागत से भी कम मिल रहे हैं दाम
किसानों का कहना है कि इस बार किसानों से बासमती धान आधी-पौनी कीमतों में खरीदी जा रही है. किसानों को बासमती धान की कीमत लागत से भी कम मिल रही है. किसानों का कहना है कि पिछले सप्ताह 1121 धान और बासमती धान के दाम बढ़ गए थे, परन्तु अब कीमतें कम होने से किसानों ने बासमती धान को अपने घर पर ही स्टोर कर लिया है. किसान राजेश, संदीप और राजकुमार ने बताया है कि यदि मंडियों में इसी तरह बासमती धान की फसलों की बेकद्री होती रही तो सभी किसान खेती करना ही बंद कर देंगे. यदि हालात ऐसे ही रहे तो खेती करना किसानों के लिए घाटे का सौदा बनकर रह जाएगा. छह-छह महीने किसान अपने खेत में कड़ी मेहनत करते हैं. फिर भी किसानों पर ऋण का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.
पीआर धान की आवक ठप
मंडियों में पीआर धान की आवक ठप हो चुकी है. 1121 और मुच्छल की आवक भी मन्द हो गई है. लेकिन बासमती धान की आवक जोरों शोरों से हो रही है. इस बार किसानों को शुरुआत में पीआर धान और 1509 धान के दाम भी कम मिले थे. उसके पश्चात 1121 और 1509 की धान की बेकद्री होने लगी है. आढ़ती धनीराम ने जानकारी देते हुए बताया है कि कुछ दिनों पहले बासमती धान का रेट 4800 रुपये मिल रहा था लेकिन अब रेट 4300 रुपये तक पहुंच गया है. किसानों को बहुत ही कम दाम मिल रहे हैं.
यमुनानगर में चावल का घोटाला, पकड़े गए 7 ट्रक
राइस मिलर सरकार को चावल लौटाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा कर रहे हैं. हाल में ही यमुनानगर में चावल के 7 ट्रक बाहर से आए थे जो पकड़ लिए गए हैं. इसकी अभी जांच की जा रही है. लेकिन बाहर से आने वाला यह चावल फर्जीवाड़े की ओर संकेत कर रहा है. शनिवार को जिले के दो राइस मिलरों शिव शंकर राइस मिल और ओम राइस मिल के सामने यह 7 ट्रक पकड़े गए हैं. अगर जांच अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष और सही जांच करते हैं तो चावल के घोटाले स्पष्ट रूप से सामने आ सकते हैं.
