कैथल | हरियाणा के कैथल के मुक्केबाज मनोज कुमार ने अपने संन्यास का औपचारिक ऐलान कर दिया है. राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इस अनुभवी मुक्केबाज ने अब नई भूमिका निभाने का निर्णय लिया है. अब वह कोचिंग की दुनिया में कदम रखेंगे. बता दें कि मनोज कुमार ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 2012 लंदन और 2016 रियो ओलंपिक में भाग लिया था, जहां दोनों बार वह प्री- क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे.
1997 में हुई थी करियर की शुरुआत
मनोज कुमार ने अपने मुक्केबाजी करियर की शुरुआत 1997 में जूनियर स्तर पर की थी. उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां भी हासिल हुई. हालांकि, 2021 में उन्होंने पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान से कोचिंग डिप्लोमा हासिल किया. चोटों और चयन विवादों के चलते उनका करियर 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के बाद थम सा गया. इसके बाद, वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सके.
संन्यास की वजह
अपने संन्यास के फैसले पर बात करते हुए मनोज कुमार ने कहा, “अब मैं 40 साल का हो गया हूं, तो यह सोच समझकर लिया गया फैसला है क्योंकि अंतरराट्रीय नियमों के अनुसार एमेच्योर प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकता.” यही वजह है कि उन्होंने बॉक्सिंग से संन्यास लेने का निर्णय लिया है.
