करनाल | हरियाणा में सब्जी उत्पादक किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि सब्जियों के भाव जब बिल्कुल कम हो जाते हैं तो किसानों को खासा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है क्योंकि उनके पास स्टोर करने की क्षमता नहीं होती है. लिहाजा उन्हें अपनी खड़ी फसल पर ही ट्रैक्टर चलाना पड़ता है.
लेकिन अब किसानों को मंदी के दौर में अपने ही हाथों अपनी फसल नष्ट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि ड्रायर मशीन का विकल्प किसानों के पास आ गया है. इसकी मदद से किसान अपनी सब्जी की फसल को काटकर ड्रायर मशीन के माध्यम से ड्राई करके एयर टाइट पॉलीबैग में भर सकता है और बाद में ऊंचा भाव आने पर बेच सकता है.
सब्जी केंद्र के विशेषज्ञ करेंगे डेमोस्ट्रेशन
इंडो- इजरायल सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में 4 ड्रायर मशीनें पहुंची हैं, जहां पर सब्जी विशेषज्ञ मशीनों पर सब्जी को ड्राई करने व पैकिंग करने का डेमोस्ट्रेशन करेंगे. मशीनें कितना जल्दी काम करती हैं और सब्जी के अंदर मौजूद पोषण तत्वों पर कोई असर पड़ता है या नहीं, कितने समय में कितनी सब्जी ड्राई की जा सकती है, यह सब आने वाला समय बताएगा.
किसानों के लिए मशीन कितनी फायदेमंद है, इसके लिए विशेषज्ञ हर एक पहलू पर अध्ययन कर जांच करेंगे. डेमोस्ट्रेशन के बाद जो रिजल्ट सामने आएंगे, उसके आधार पर ही किसानों को रिकमेंड किया जाएगा.
सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का डेमोस्ट्रेशन किया जाता है. किस सब्जी से उत्पादन अच्छा आ रहा है और कितना फायदा मिलता है उसका आंकलन करने के बाद ही सेंटर पर आने वाले किसानों को जानकारी दी जाती है. सब्जियों की तरह ही मशीनों का भी डेमोस्ट्रेशन सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में किया जाता है.
ड्रायर मशीन कैसे काम करेगी
केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. लवलेश ने बताया कि अभी डेमोस्ट्रेशन शुरू नहीं किया गया है, लेकिन कंपनी की तरफ से मशीनों के बारे में जानकारी दी गई है. पहले सब्जी को स्लाइस करके मशीन की जालीदार ट्रे में रखना होगा. उसके बाद, मशीन को ऑन करके 45 डिग्री तापमान पर सब्जियां रखी जाएगी और एक निश्चित समयावधि के बाद सब्जियों को बाहर निकालकर एयर टाइट पॉलीथिन में पैक कर दिया जाएगा.
इसके बाद, बाजार में इन सब्जियों को बिक्री के लिए भेजा जाएगा क्योंकि कुछ कंपनियां अब सब्जियों को ड्राई फोम में इस्तेमाल करती हैं. उन्होंने बताया कि नुकसान से बचने के लिए यह एक अच्छा विकल्प है जिसे किसान अपना सकते हैं. किसानों को सार्थक परिणाम सामने आने पर ही मशीनें उपलब्ध कराई जाएगी.
