हरियाणा की ‘सोनी’ गाय ने हासिल की नई उपलब्धि, 27 घंटे में 87 किलो से ज्यादा दूध देकर बनाया नया एशिया रिकॉर्ड

करनाल | “जहां दूध- दही का खाना – ऐसा हमारा हरियाणा” इस कहावत को राज्य के पशुपालक निरंतर सार्थक साबित कर रहे हैं. इसी कड़ी में हरियाणा के एक पशुपालक की गाय ने दूध देने के मामले में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया था. करनाल जिले के पशुपालक सुनील मेहला की गाय ‘सोनी’ ने 24 घंटे में 87 किलोग्राम 740 ग्राम दूध देकर एशिया में सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) करनाल डेयरी मेले में आयोजित हुई दूग्ध प्रतियोगिता में सोनी गाय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल किया है.

Soni Cow

दूसरे नंबर पर भी सुनील मेहला की गाय रही, जिसने 70.50 किलोग्राम दूध दिया है. ये दोनों ही गाय होल्सटीन फ्रीजियन नस्ल (HF) की है. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है कि उनकी डेयरी की ही गाय ने लगातार दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड को ध्वस्त किया है. इससे पहले कुरूक्षेत्र DFA मेले में उनकी ही डेयरी की गाय ने 87.740 किलोग्राम दूध देकर रिकार्ड बनाया था.

2017 से डेयरी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन

करनाल जिले के गांव झिंझाड़ी के पशुपालक सुनील मेहला ने बताया कि पशुपालन का शौक उनके परिवार का शुरूआत से ही रहा है. ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने भी पशुपालन को अपना पेशा बनाया और 2014 में खुद की ब्रीडिंग शुरू की. 2017 से ही उनकी डेयरी की गाय दूग्ध प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करती आ रही है. कुरूक्षेत्र DFA मेले में अब तक उनकी गाय 6 बार भाग ले चुकी है जिनमें से 5 बार पहला स्थान और एक बार दूसरा स्थान हासिल किया है.

सोनी जैसी गायों को बेचने का सवाल ही नहीं

सुनील ने बताया कि उनके डेयरी फार्म पर हर साल 30 से 35 बछड़े और बछड़ियां पैदा होती हैं. इनमें से 10- 15 गायों को बेचा भी जाता है, लेकिन जो गायें रिकॉर्ड बनाती हैं, उन्हें बेचने का सवाल ही नहीं उठता. सोनी जैसी गायों की ब्रीडिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में दूध उत्पादन और भी बढ़ेगा.

उन्होंने बताया कि कि सोनी उनकी डेयरी की सबसे पहली बछड़ी थी, जिससे उन्हें खास लगाव रहा है. यही कारण है कि उसकी देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. अब तक सोनी गाय 5 बार ब्यांत कर चुकी है और जब भी प्रतियोगिताओं में गई, तीन बार पहला स्थान, एक बार दूसरा और एक बार तीसरा स्थान हासिल किया. इस गाय को वह भाग्यशाली मानते हैं और इसकी उम्र फिलहाल 8 साल है.

नेस्ले में होती है दूध की सप्लाई

पशुपालक सुनील मेहला ने बताया कि वे अपने पशुओं को अपने फार्म पर खुला रखते हैं और यहां पर गर्मियों में उनके लिए विशेष इंतजाम भी किए जाते हैं. उनके दोनों डेरी फार्म पर गायों से 1 दिन में 30 क्विंटल तक दूध का उत्पादन होता है, जिसमें से वे कुछ दूध नेस्ले कंपनी को भी सप्लाई करते हैं जबकि बाकी दूध की सप्लाई शहर में की जाती है. इन गायों को भोजन में 24 किलोग्राम साइलेज, करीब डेढ़ किलो तूड़ी, 10 किलो हरा चारा और 20 किलोग्राम स्पेशल फीड दी जाती है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.