करनाल | हरियाणा में विधानसभा चुनाव (Haryana Vidhansabha Chunav) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी है. वहीं, CM सिटी का तमगा हासिल करने वाले करनाल में पहले मनोहर लाल खट्टर के केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होने और अब मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा कुरूक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लाडवा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने पर BJP में बगावत और भगदड़ का सिलसिला बदस्तूर जारी है. यहां बीजेपी खेमे के कई मौजूदा पार्षदों और पूर्व पार्षदों ने बीजेपी को अलविदा कहकर कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है.
इन पार्षदों ने छोड़ी BJP
करनाल के पार्षद ईशा गुलाटी, रामनगर से पार्षद बिट्टू उर्फ हरिश व युद्धवीर सैनी ने बीजेपी को अलविदा कहकर करनाल विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान कर दिया है. वहीं, रविवार शाम गिन्नी विर्क, रामचंद्र काला सहित 4 पार्षदों ने भी कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है. इसके अलावा, आज भी बीजेपी से 10 के करीब पार्टी के पूर्व व मौजूदा पदाधिकारी कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं.
नगर निगम के अधिकारियों पर लगाएं आरोप
बीजेपी को अलविदा कहकर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन करने वाली पार्षद गिन्नी ने नगर निगम के अधिकारियों पर प्रताड़ित करने के आरोप जड़े. उन्होंने कहा कि यहां कोई भी अधिकारी ठीक ढंग से काम नहीं करता है और सब अपनी मनमानी कर लोगों को परेशान कर रहे हैं.
बीजेपी में हुआ शोषण
पार्षद रामचंद्र काला ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी में निरंतर उनका शोषण होता रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ड्राइंग रूम से चलने वाली पार्टी है और मनोहर लाल खट्टर ने बीजेपी का सत्यानाश कर दिया. उन जैसा जीरो नेता ना आज तक धरती पर है और न ही आगे होगा. उन्होंने करनाल के सेक्टर- 6 में किराए पर मकान लिया हुआ है. साथ ही, यह भी कह रखा है कि यहां कोई नहीं आएगा.
पार्षद काला ने कहा कि खट्टर ने कोठी पर आने से मना कर रखा है, तो ऐसे में गरीब आदमी अपने काम के लिए दिल्ली कैसे जाएगा. आज तक खट्टर से हमारी कालोनी की सड़कें पक्की नहीं हो पाई है. व्यापारी वर्ग का सबसे ज्यादा नुक़सान बीजेपी ने किया. प्रोपर्टी आईडी के नाम पर लोगों को परेशानी में डाला जा रहा है. बीजेपी की षड्यंत्रकारी राजनीति ने ही नायब सैनी को यहां से भगाने का काम किया है.
