करनाल | केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक संगठन सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया द्वारा देश में 5.75 लाख सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) स्थापित किए गए हैं जो शिक्षा, कृषि, बैंकिंग, बीमा, स्वास्थ्य जैसी लगभग 400 सेवाओं से जुड़े हैं और ई-गतिशीलता हैं. अब देश में ड्रोन के बढ़ते प्रयोग को देखते हुए संगठन अपने प्रशिक्षण क्षेत्र में कदम रख रहा है.
युवाओं को ट्रेनिंग देने की तैयारी
इसके तहत अब घरौंडा के एक शिक्षण संस्थान के सहयोग से करनाल जिले में देश की पहली सीएससी उड़ान अकादमी स्थापित करने की तैयारी चल रही है. शुक्रवार को महानिदेशक नागरिक उड्डयन इसका निरीक्षण करेंगे. इसके बाद, जल्द ही अकादमी शुरू की जाएगी. इसका सीधा लाभ हरियाणा के बेरोजगार युवाओं को मिलेगा. वह ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी व रोजगार से जुड़ सकेंगे.
नागर विमानन महानिदेशालय आज करेंगे निरीक्षण
सीएससी उड़ान एकेडमी की स्थापना आरपीआईआईटी बस्ताडा (घरौंदा) और सीएससी की संस्था केशव उड़ान एकेडमी द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है. यह अकादमी आरपीआईआईटी के भवन में की जा रही है. इसके लिए सीएससी उड़ान एकेडमी के प्रबंध निदेशक संजय कुमार राकेश, तकनीकी सलाहकार अशोक कल्याणी, मुख्य सलाहकार उमेश कुमार, वरिष्ठ सलाहकार मनोज शर्मा, निदेशक केशव उड़ान एकेडमी केशव सिंघल आदि कई अधिकारी व अधिकारी आरपीआईआईटी भवन पहुंचकर तैयारी शुरू कर चुके हैं.
यहां होगी ड्रोन अकादमी की स्थापना
सीएससी फ्लाइंग एकेडमी नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक संजय कुमार राकेश ने बताया कि अकादमी के लिए बस्ताड़ा में पर्याप्त जमीन है जिसमें करीब ढाई एकड़ का फ्लाइंग जोन है. संभवत: शुक्रवार को महानिदेशक (नागरिक उड्डयन) यहां निरीक्षण करेंगे. उनकी स्वीकृति मिलने के बाद आने वाले सप्ताह में ही इसे शुरू कर दिया जाएगा. सीएससी उड़ान एकेडमी में हर साल करीब 1000 से 1500 युवाओं को ड्रोन प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है. यह देश की पहली सीएससी फ्लाइट एकेडमी होगी.
देश में दो साल में 100 फ्लाइट अकादमियां खुलेंगी
प्रबंध निदेशक संजय कुमार राकेश ने कहा कि करनाल में पहली सीएससी फ्लाइट एकेडमी खोलने के बाद अगले दो साल में देश में करीब 100 सीएससी फ्लाइट एकेडमी स्थापित की जाएगी. करनाल की तरह देश में अन्य अकादमियां भी अन्य कंपनियों और एजेंसियों के सहयोग से खोली जाएंगी. इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा. कृषि हो या औद्योगिक क्षेत्र, ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. कहा जा सकता है कि आने वाला समय ड्रोन का है इसलिए ड्रोन ऑपरेटरों की काफी मांग रहने वाली है. इसी को ध्यान में रखते हुए सीएससी ने ग्रामीण भारत में ड्रोन प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है.
कम फीस में बनेंगे ड्रोन ड्राइवर
अब तक देश भर में कुल 45 ड्रोन प्रशिक्षण संस्थान हैं जिनकी फीस 55,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये तक है लेकिन सीएससी इस प्रशिक्षण को ग्रामीण स्तर तक ले जा रहा है. सीएससी जो फ्लाइट एकेडमी स्थापित कर रहा है उसमें 15 से 20 हजार रुपये ही शुल्क लिया जाएगा.
