कुरूक्षेत्र | लोकसभा चुनावों की गहमा-गहमी के बीच हरियाणा में सभी 10 लोकसभा सीटों पर जीत का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस पार्टी ने तगड़ा झटका दिया है. पूर्व सांसद और कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट से टिकट की प्रमुख दावेदार रही कैलाशों सैनी ने आज कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र हुड्डा ने पटका पहनाकर उनका पार्टी में स्वागत किया.
टिकट कटने से चल रही थी नाराज़
नायब सैनी के मुख्यमंत्री बनने के बाद कैलाशों सैनी कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट से टिकट की मांग कर रही थी लेकिन बीजेपी ने उन्हें दरकिनार करते हुए कांग्रेस छोड़कर आए नवीन जिंदल को प्रत्याशी घोषित कर दिया था. इसके बाद से ही वो पार्टी से नाराज़ चल रही थी और चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए थी.
INLD से रही है सांसद
साल 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी (INLD) की टिकट पर प्रोफेसर कैलाशों सैनी कुरूक्षेत्र से 2 बार सांसद रह चुकी है. जिले के गांव प्रतापगढ़ की रहने वाली कैलाशों सैनी एकमात्र ऐसी सांसद हैं, जो कुरूक्षेत्र की ही निवासी हैं. आमतौर पर इस सीट से बाहरी उम्मीदवार ही जीत हासिल करते रहे हैं.
चार साल पहले तत्कालीन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने उन्हें पार्टी में शामिल करवाया था लेकिन आज भुपेंद्र हुड्डा की उपस्थिति में उन्होंने फिर से कांग्रेस में घर वापसी की है. 1999 में हुए लोकसभा चुनावों में उन्होंने कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता एवं नवीन जिंदल के पिता ओमप्रकाश जिंदल को हार का मुंह दिखाया था.
संविधान बचाने की लड़ाई
कैलाशों सैनी ने कहा कि हरियाणा सहित देशभर में कांग्रेस पार्टी जीत हासिल कर रही है. जनता बदलाव का मूड बना चुकी है. कुरूक्षेत्र से दूसरी पार्टी के व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने से जनता ही नहीं बल्कि बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता भी दुखी हैं. बीजेपी संविधान को बदलना चाहती है, इसलिए उन्होंने उस पार्टी से किनारा कर लिया है.
