नई दिल्ली, Women’s Day Special | आमतौर पर हमें सोशल मीडिया पर महिलाओं की ड्राइविंग से संबंधित अनेक मजाकिया पोस्ट और वीडियो देखने को मिल जाते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी के बारे में बताएंगे, जिसे पढ़कर आपका महिलाओं के प्रति सम्मान बढ़ जाएगा. हम बात कर रहे हैं मथुरा की रहने वाली किरण की, जो राजधानी दिल्ली की सड़कों पर 2 साल से रिक्शा चला रही हैं.
पति के जाने के बाद खुद उठाई जिम्मेदारी
उन्होंने बताया कि वह घर पर से ही सिलाई का काम करती थीं, लेकिन कुछ समय पहले जब उनके पति की मृत्यु हो गई, तब सारी जिम्मेदारी उन पर आन पड़ी. ऐसे में वह अपने घर से सिलाई का काम नहीं कर पा रही थीं क्योंकि इससे घर का गुजारा नहीं हो पा रहा था.
लोगों ने दिए ताने
उसके बाद, उन्होंने ई- रिक्शा चलाने का काम शुरू कर दिया. 47 वर्षीय किरण बताती हैं कि जब उन्होंने इस काम को शुरू किया था, तो लोगों ने उन्हें तरह- तरह के ताने दिए. कुछ लोगों ने कहा कि ₹10 के लिए रोड पर आ गईं, लेकिन अपने परिवार की तरफ देखते हुए उन्होंने अपनी लगन से अपने काम को जारी रखा.
महिलाओं को संदेश देते हुए किरण कहती हैं कि समाज में कई महिलाएं ऐसी हैं, जो घर से बाहर निकलकर काम नहीं करना चाहतीं क्योंकि उन्हें समाज का डर रहता है. ऐसे में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना जरूरी है. सभी को अपने ऊपर भरोसा रखना चाहिए और अपने हुनर को पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए.
