नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए खुशखबरी, AI की नई तकनीक से झटपट दुरस्त होगी सड़कें

नई दिल्ली | केंद्र सरकार देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नई तकनीक लागू करने जा रही है. इस नई व्यवस्था के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों की हर 6 महीने में हाई-टेक स्कैनिंग की जाएगी, जिससे सड़क की छोटी से छोटी खराबी भी तुरंत पकड़ में आ जाएगी.

Highway Single Lane

ऐसे काम करेगी AI तकनीक

परियोजना के तहत, शुरुआती चरण में 23 राज्यों में करीब 20 हजार किलोमीटर नेशनल हाईवे को कवर किया जाएगा. लेजर स्कैनिंग तकनीक के जरिए सड़कों की सतह की 10 सेंटीमीटर तक की सटीक मैपिंग की जाएगी. इसके बाद, यह डेटा सीधे NHAI के केंद्रीय प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा, जहां AI द्वारा उसका विश्लेषण किया जाएगा.यह AI सिस्टम सड़क की स्थिति, दरारों और भविष्य में होने वाली क्षति का आकलन कर संबंधित एजेंसियों को तुरंत अलर्ट करेगा.

अब तक सड़कों की जांच मैनुअल तरीके से होती थी, जिससे कई बार काम में देरी होने से समस्या उत्पन्न होती थी. नई तकनीक इस कमी को दूर करने में अहम किरदार निभाएंगी और रियल- टाइम डेटा के आधार पर फैसले लिए जा सकेंगे. इससे निर्माण कंपनियों और मेंटेनेंस एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी.

यह भी पढ़े -  पोस्ट ऑफिस में हैं खाता तो जान लें नए नियम, डिपॉजिट- विड्रॉल में दिखेगा नई व्यवस्था

IRI रेटिंग लागू होगी

नई व्यवस्था में पहली बार ‘इंटरनेशनल रफनेस इंडेक्स’ (IRI) को भी लागू किया जाएगा. यह सड़क की गुणवत्ता मापने का अंतरराष्ट्रीय मानक है. यदि कोई हाईवे तय मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित एजेंसी और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. करीब 4 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस सर्वे वाहन तैनात किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य देश के हाईवे नेटवर्क को विश्वस्तरीय तकनीक से जोड़ना और सड़क रखरखाव को पूरी तरह डेटा आधारित बनाना है.

Avatar of Anita Poonia
Anita Poonia
View all posts

मेरा नाम अनीता पूनिया है. मैं पिछले 2 साल से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हूँ. वर्तमान मे Haryana E Khabar न्यूज वेबसाइट के लिए कंटेंट राइटर का काम कर रही हूँ.