हिंदुस्तान की एकमात्र ट्रेन जिसमें यात्रियों को फ्री मिलता है खाना, 29 साल से जारी है लंगर सेवा

नई दिल्ली | आज की इस खबर में हम आपको एक ऐसी ट्रेन की कहानी बताएंगे जिसमें सभी यात्रियों के लिए मुफ्त में खाने का इंतजाम किया जाता है. जी हां, इस ट्रेन में यात्रियों के लिए स्पेशल लंगर लगाया जाता है. यह ट्रेन 39 स्टेशनों पर ठहराव करती है और इस दौरान 6 स्टेशनों पर लंगर लगता है. नई दिल्ली और डबरा स्टेशन पर दोनों तरफ से इस ट्रेन में लंगर लगता है. इसके लिए यात्री पहले ही तैयारी करके आते हैं और इस दौरान सभी के हाथ में अपने बर्तन होते हैं.

Indian Railway Train

29 साल से खिलाया जा रहा है लंगर

जी हां, हम बात कर रहे हैं अमृतसर- नांदेड़ सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन की, जिसमें 29 सालों से मुसाफिरों को फ्री में खाना खिलाया जा रहा है. 2081 किलोमीटर के इस सफर में यात्रियों को लंगर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. सचखंड एक्सप्रेस में पैंट्री भी है, लेकिन यहां पर खाना नहीं बनता है क्योंकि जिस वक्त नाश्ते का समय होता है, उस स्टेशन पर लंगर लगा होता है, जिससे खाना बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है.

अपने बर्तन लेकर आते हैं यात्री

सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन में अमीर- गरीब सब एक समान होते हैं और हर किसी को इस लंगर का इंतजार रहता है. इसके लिए जनरल से लेकर AC कोच तक में यात्रियों के पास बर्तन होते हैं. सचखंड एक्सप्रेस सिखों के 5 सबसे बड़े गुरुद्वारों में से 2 अमृतसर के श्री हरमंदर साहिब और नांदेड़ (महाराष्ट्र) के श्री हजूर साहिब सचखंड को जोड़ती है. बता दें कि सिखों की मांग पर साल 1995 में साप्ताहिक सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू किया गया था और तब से इस ट्रेन में लंगर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जो यात्रियों के लिए मुफ्त भोजन का जरिया बनता है.

यह भी पढ़े -  LPG गैस सिलेंडर के नए रेट हुए जारी, फटाफट चेक करें अपने शहर की कीमत

एक दिन भी नहीं रूका लंगर

इस ट्रेन के लंगर में मेन्यू की बात करें तो रोजाना इसमें बदलाव होता रहता है. आमतौर पर कढ़ी- चावल, छोले, दाल, खिचड़ी,की सब्जी, आलू- गोभी की सब्जी, साग- भाजी मिलती हैं और लंगर का खर्च गुरूद्वारों को मिलने वाली दान राशि से वहन किया जाता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 29 सालों में एक भी दिन ऐसा नहीं आया है जब इस ट्रेन में लंगर की सुविधा उपलब्ध न कराई गई हो. ये ट्रेन देरी से पहुंचती है, तो भी सेवादार इंतजार में खड़े रहते हैं. प्रतिदिन 2 हजार के आसपास यात्रियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है.

Avatar of Ajay Sehrawat
Ajay Sehrawat
View all posts

मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.