किसान आंदोलन: 10 अप्रैल को केएमपी जाम, मई में संसद कूंच का ऐलान

नई दिल्ली । तीनों कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन पांचवें महीने में प्रवेश कर चुका है. संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को कुंडली बार्डर पर बैठक करके सरकार पर दबाव बनाने के लिए आगे की रणनीति तैयार की है. किसान नेताओं ने प्रेसवार्ता कर अगले 45 दिनों के कार्यक्रमों का ऐलान किया, जिसमें सबसे बड़ा कार्यक्रम संसद कूंच का है.

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किसान नेताओं ने कहा कि मई के पहले पखवाड़े में पैदल संसद कूंच करेंगे. संसद कूंच की तारीख फसल कटाई व संसद समय के हिसाब से तय होगी. वहीं पंजाब भाजपा विधायक की पिटाई के मामले पर किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा जानबूझकर हरियाणा में हिंसा भड़काना चाहती हैं. इसका हरियाणा से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं धनखड़ खाप से भी हरियाणा भाजपा अध्यक्ष पर सामाजिक कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है.

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संयुक्त मोर्चा के अगले कार्यक्रम

  • 5 अप्रैल को एफसीआई बचाओ दिवस मनाएंगे. इस दिन पुरे देश में एफसीआई के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा.
  • 10 अप्रैल को 24 घंटे के लिए कुंडली -मानेसर -पलवल हाइवे को जाम किया जाएगा. यह 10 अप्रैल की सुबह 11 बजे से 11 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक चलेगा.
  • 13 अप्रैल को बैसाखी पर्व दिल्ली की सीमाओं पर मनाया जाएगा.
  • 14 अप्रैल को डा भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाएंगे.
  • मई में संसद कूंच करेंगे. इसमें महिलाएं, दलित, आदिवासी समेत समाज के हर तबके से लोग शामिल होंगे. दिल्ली से संसद तक पैदल मार्च किया जाएगा.
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हम बातचीत के लिए तैयार- चढूनी

हरियाणा भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार जानबूझकर वार्ता करने से बच रही है. हमेशा पुराने प्रस्ताव की बात कह देती है, जिसमें कुछ नहीं है. हम उस प्रस्ताव को नकार चुके हैं. सरकार कोई नया प्रस्ताव लेकर आती है तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं.

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