नई दिल्ली | त्यौहारी सीजन पर महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. मोदी सरकार ने इनके हित में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य योजना (CGHS) में बड़े स्तर पर सुधार किए हैं. सरकार द्वारा करीब 2 हजार मेडिकल प्रक्रियाओं की पैकेज दरों को रिवाइज (संशोधित) किया गया है और ये बदलाव 13 अक्टूबर से लागू होंगे. पिछले 15 सालों में यह सबसे बड़ा बदलाव बताया जा रहा है. बता दें कि पुरानी दरों के चलते न केवल केंद्रीय कर्मचारियों, बल्कि अस्पतालों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही थी.
दूर होगी परेशानियां
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सबसे बड़ी शिकायत यह थी कि CGHS से जुड़े (एम्पैनल्ड) अस्पताल अक्सर कैशलेस इलाज देने से मना कर देते थे. ऐसे में उन्हें इलाज के लिए अपनी जेब से खर्च उठाना पड़ रहा था और फिर पैसे वापस मिलने के लिए महीनों तक लंबा इंतजार करना पड़ता था. लेकिन अब ये परेशानियां दूर हो जाएगी. एम्पैनल्ड हॉस्पिटल्स ये तर्क देते थे कि सरकार ने जो पैकेज दरें तय कर रखी हैं, वे पुरानी हो चुकी हैं और कम भी हैं. साथ ही, अस्पतालों को समय पर भुगतान भी नहीं मिल पाता था. ऐसे में हॉस्पिटल्स, लाभार्थियों को कैशलेस सुविधा नहीं देना चाहते थे.
कर्मचारियों को फायदा
- केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की गई करीब 2 हजार मेडिकल प्रक्रियाओं की नई दरें शहर की श्रेणी (टियर- I, टियर- II, टियर- III) और अस्पताल की गुणवत्ता (जैसे NABH एक्रेडिटेशन) पर आधारित हैं.
- टियर- II शहरों में पैकेज दरें बेस रेट से 19% कम होंगी.
- टियर- III शहरों में पैकेज दरें बेस रेट से 20% कम होंगी.
- NABH एक्रेडिटेड अस्पताल बेस रेट पर सेवाएं देंगे.
- गैर- NABH अस्पतालों को 15% कम दर मिलेगी.
- 200 से ज्यादा बेड वाले सुपर- स्पेशियल्टी अस्पतालों को 15% ज्यादा दर मिलेगी.
इलाज कराना होगा आसान
मेडिकल प्रक्रियाओं की नई दरें अस्पतालों को आकर्षक लगेगी तो वे CGHS कार्डधारकों को कैशलेस इलाज देने में आनाकानी नहीं करेंगे. कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज के लिए पहले जेब से भारी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. महीनों तक उन्हें पैसे वापस लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
