नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि दिल्ली सरकार ने शहर की 8 जगहों पर फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाने की मंजूरी दे दी है. इन परियोजनाओं में आ रही तकनीकी अड़चन को दूर कर लिया गया है जहां जमीन को लेकर परेशानी आ रही थी, वहां दूसरे विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए कहा गया है. ये फुटओवर ब्रिज बनने से ट्रैफिक फ्लो कम होगा और पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा.
दिल्ली में सड़क हादसों पर लगेगी रोक
फुटओवर ब्रिज को लेकर कुछ दिन पहले निरीक्षण समिति ने कुछ जगहों में अड़चन मिली थी. इसके लिए निरीक्षण समिति ने अपनी रिपोर्ट मे सरकार को बताया है कि इस परियोजना के लिए यातायात की दृष्टि से अध्ययन कर लिया गया था और व्यवहारिक रूप से संभव सर्वेक्षण किया गया. कमेटी ने इस महीने के आखिर तक सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने और 31 जुलाई तक इन्हें तैयार करने के लिए कहा गया है.
इन स्थानों पर फुटओवर ब्रिज बनाने पर चर्चा
जहां फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए मंजूरी मिली है. उनमें मधुबन चौक, जीटी रोड, शाहबाद डेयरी, बेर सराय मार्केट, लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विद्यापीठ, ओखला सब्जी मंडी, जनकपुरी जीवन पार्क बस स्टैंड और माता चानन देवी अस्पताल शामिल है.
इन स्थानों पर मिले प्रस्ताव
दिल्ली सरकार को फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए कई स्थानों के प्रस्ताव मिले है. जिनमें आदर्श नगर में 2 स्थान, त्रिलोकपुरी में 4 स्थान, महरौली में 10 स्थान, नरेला में 2 स्थान, कृष्णा नगर में 3 स्थान, बाबरपुर में 1 स्थान, मोती नगर में 4 स्थान, विश्वास नगर में 1, जनकपुरी में 5 स्थान, गांधी नगर में 1 स्थान, देवली में 2 स्थान, नांगलोई में 1 स्थान और बवाना में 8 स्थानों पर फुटओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव मिला है.
पूर्वी दिल्ली से केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने 4 स्थानों पर और उत्तरी पूर्वी जिले से सांसद मनोज तिवारी ने लोकसभा क्षेत्र में 1 स्थान पर फुटओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा है. इस प्रकार दिल्ली सरकार को कुछ 60 स्थानों पर फुटओवर ब्रिज बनाने पर प्रस्ताव मिले है जिसमें सबसे ज्यादा महरौली विधानसभा क्षेत्र से रहे है.
