नई दिल्ली | हिंदुस्तान के करोड़ों किसानों के लिए बजट और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के मोर्चे पर 2 महत्वपूर्ण खबरें सामने आई है. पहली यह है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात करते हुए कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा किसानों की आमदनी में इजाफा करने के लिए अपने मंत्रालय के बजट प्रस्तावों पर बातचीत की है.
खेती को बढ़ावा देने के लिए दिए सुझाव
दूसरी खबर यह है कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने केंद्र सरकार से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद प्रणाली पर ‘श्वेत पत्र’ जारी करने का आग्रह किया है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की है. साथ ही, सुझाव दिया है कि चारों विभागों कृषि, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), ग्रामीण विकास और भूमि संसाधन के लिए क्या बेहतर हो सकता है.
श्वेत पत्र जारी करे सरकार
संयुक्त किसान मोर्चा ने MSP को लेकर कहा कि लगभग 90% फसलों की खरीद सरकार द्वारा तय की गई दरों पर नहीं हो रही है. SKM ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित फॉर्मूले और सरकारी एमएसपी फॉर्मूले के बीच के अंतर को श्वेत पत्र के जरिये सामने लाना चाहिए.
ऐसे कैलकुलेट होती है MSP
केंद्रीय कृषि मंत्रालय का एक संलग्न कार्यालय, कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) विशिष्ट फसलों के लिए एमएसपी के बारे में सुझाव देता है. A2+FL+50% फॉर्मूले में किसान द्वारा वहन की गई लागत और परिवार के श्रम का मूल्य शामिल होता है. एमएसपी निकालने के लिए इसमें लागत का 50% जोड़ा जाता है.
इसके मुकाबले स्वामीनाथन आयोग द्वारा अनुशंसित C2+50% फॉर्मूले में स्वामित्व वाली भूमि का अनुमानित किराया मूल्य और अचल पूंजी पर ब्याज, पट्टे पर दी गई भूमि के लिए भुगतान किया गया किराया भी जोड़ा जाता है.
